समाजवादी पार्टी के विधायक आजम खां अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद आज पहली बार उत्तर प्रदेश की विधानसभा में पहुंचे और विधायक पद की शपथ ली। वह आज ही अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ लखनऊ पहुंचे।
इससे पहले समाजवादी पार्टी विधानमंडल की रविवार को लखनऊ में आयोजित बैठक में सपा विधायक आजम खां और उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम शामिल नहीं हुए। इसको राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव से उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि आजम खां ने किसी भी प्रकार की नाराजगी से इनकार किया है।
इस बाबत मीडिया के सवाल पर आजम खां ने कहा कि आपसे ही नाराजगी की सूचना मिल रही है। मुझे तो कोई वजह समझ में नहीं आती। दूसरी बात यह है कि नाराज होने के लिए कोई आधार चाहिए। मैं खुद ही निराधार हूं तो आधार कहां से आएगा। मेरा अपना ही कौन सा आधार है, एक गरीब आदमी गली में रहने वाला।
सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के सवाल पर आजम खां ने कहा कि वह विधानसभा जरूर जाएंगे। विधानसभा उनके लिए कोई नई जगह नहीं है, दसवीं बार सदन जाएंगे। सवालिया लहजे में कहा, मैं चुना गया हूं, क्यों नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि पूरी कोशिश कर रहे हैं और तबीयत सही रही तो सोमवार को शपथ लेंगे।
जेल में और रिहाई के बाद मिलने आने वालों और न मिलने वालों के सवाल पर कहा कि जो आए उनका भी शुक्रिया, जो नहीं आए उनका भी शुक्रिया। उन्होंने कहा कि मुझे जो प्रोटेक्शन मिला है वो न्यायपालिका से मिला है, किसी और से नहीं मिला।
सपा द्वारा कुछ न किए जाने के सवाल पर कहा कि वह इसे सिरे से नकारते हैं क्योंकि जो जितना कर सकता था उसने उतना किया। कहा कि मेरे परिवार और शुभचिंतकों के परिवार, सबने कहा कि मेरे साथ ज्यादती हुई।
आजम बोले : यदि हम माफिया हैं, तो सरकार को बदलनी पड़ेगी माफिया की परिभाषा
सपा नेता आजम खां ने रविवार को रामपुर जेल में बंद करीबी गुड्डू मसूद और युसूफ मलिक से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक ऐसा इंसान जिसके सिर्फ दो अकाउंट हों और वे भी लोकसभा और विधानसभा से मिलने वाले वेतन के, यदि वह माफिया है, तो फिर सरकार को माफिया की परिभाषा बदलनी पड़ेगी। हां, एक एजेंडे के तहत हमारे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया लेकिन, खुद भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं, सांसदों ने हमारे बारे में कोई घटिया बात नहीं की होगी।
सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद सपा नेता आजम खां का अपने करीबियों और उनके परिजनों से मिलने जुलने का सिलसिला जारी है। रविवार को आजम खां रामपुर जेल में बंद गुड्डू मसूद और युसूफ मलिक से मिले। गुड्डू मसूद शत्रु संपत्ति को लेकर दर्ज मामले में आरोपी हैं। वह 26 अगस्त 2020 से जेल में बंद हैं। युसूफ मलिक जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में जेल में बंद हैं।
आजम खां करीब बीस मिनट से अधिक समय तक जेल में बंद करीबियों से मिले। इस मुलाकात के बाद जेल के बाहर उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि हम यहां उन लोगों से मिलने आए हैं, जो 20 दिन में हमारे साथ सबसे बड़े अपराधी हो गए। जिन्होंने हमारे साथ प्रताड़नाएं सही हैं। उनके सीने में सिवाय धड़कन के कुछ नहीं बचा है। हम आजाद हिंदुस्तान के बहुत कमजोर लोगों से मिले हैं।
इस छोटे से शहर में जो इतिहास लिखा गया है, हमारे अधिवक्ताओं खासकर कपिल सिब्बल, जिनकी एक तारीख की भी फीस देने की हमारी हैसियत नहीं थी, उन्होंने वो हक अदा किया जो लहू के रिश्ते भी नहीं करते। सुप्रीम कोर्ट ने इंसाफ के तकाजों को पूरा किया है। अपनी ताकत का सही इस्तेमाल किया है। एक सवाल के जवाब में कहा कि सदस्य तो हम लोकसभा के भी थे। वह भी ऐसे हालात में जब सरकार और पुलिस प्रशासन ने नंगा नाच किया हो। लेकिन, क्या हुआ सिर्फ हमारी लीड कम रह गई। हम साढ़े तीन लाख वोटों से जीतते लेकिन, डेढ़ लाख वोट से ही जीत सके।