सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की जौहर यूनिवर्सिटी में दो दिन की जांच के बाद आयकर विभाग की टीम भवनों के मूल्यांकन के बाद वापस चली गई। यह टीम कुछ दस्तावेज स्कैन कराकर ले गई है। सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां परिवार समेत दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में जेल की सलाखों के पीछे हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी से पालिका की सफाई मशीन बरामद होने के मामले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खां ने अब स्थायी जमानत के लिए एमपीएमएलए सेशन कोर्ट की शरण ली है। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है।
कोर्ट ने इस पर रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्तूबर को करेगी। सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के दोस्त सालिम और अनवार की निशानदेही पर पुलिस ने पिछले साल सितंबर में जौहर यूनिवर्सिटी से रामपुर नगर पालिका की रोड क्लीनर मशीन बरामद की थी।
यह मशीन यूनिवर्सिटी कैंपस में दबाई गई थी। इस मामले में भाजपा नेता बाकर अली खां की ओर से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम व अनवार व सालिम के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस विवेचना कर चुकी है और चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर चुकी है।
इस मामले में आरोपी अनवार व सालिम को जमानत मिल चुकी है,जबकि सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने अग्रिम जमानत के लिए एमपीएमए़लए कोर्ट में अर्जी लगाई थी जो कि खारिज की जा चुकी है।
18 अक्तूबर को दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में सजा होने के बाद सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने इस मामले में भी सरेंडर कर दिया था। इस मामले में उनका वारंट बनने के बाद कस्टडी में ले लिया गया था।
जेल में बंद आजम और अब्दुल्ला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से एमपीएमएलए कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई हुई। एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि कोर्ट ने आपराधिक इतिहास तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी।