डूंगरपुर बस्ती में घर में घुसकर मारपीट और डकैती मामले से जुड़े एक केस में रामपुर को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। इसमें आजम खां समेत आठ आरोपियों को बरी कर दिया गया है। इससे पहले दूसरे मामले में आजम को सात साल की सजा सुनाई जा चुकी है।
सपा नेता आजम खां पर दर्ज डूंगरपुर बस्ती में घर में घुसकर मारपीट व डकैती और आपराधिक षड्यंत्र रचने के एक और मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट फैसला सुनाते हुए आजम खां सहित आठों आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद साक्ष्यों के अभाव के कारण यह फैसला सुनाया।
डूंगरपुर के एक मामले में सपा नेता आजम खां को सात साल की कैद व आठ लाख रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई जा चुकी है। यह सजा कोर्ट ने 18 मार्च को सुनाई थी। इससे पहले वो 31 जनवरी को इसी तरह के एक मामले में बरी भी हो चुके हैं। जबकि दूसरे मामले में बृहस्पतिवार को कोर्ट ने उन्हें बरी किया है।
वहीं उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाण पत्र के मामले में भी सात साल की कैद व जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई जा चुकी है। वह इस मामले में सीतापुर जेल में बंद हैं, जबकि इसी मामले में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम हरदोई जेल में और पत्नी डॉ. तंजीन फातमा रामपुर जेल में सजा काट रहे हैं।