यूपी के नगर विकास मंत्री आजम खां ने कहा कि हमें सुब्रह्मण्यम स्वामी की कृपा की जरूरत नहीं है। वो सभी मस्जिदें ले लें और नमाज पढ़ें। इबादतगाह में उनके नमाज पढ़ने पर कोई पाबंदी नहीं है। हम उन्हें दावत देना चाहते हैं वो मस्जिद और मस्जिद के मकसद को समझें और मस्जिद वाले बनें।
गौरतलब है कि भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने ट्वीट किया था कि हम हिंदू भगवान कृष्ण का पैकेज मुसलमानों को ऑफर करते हैं। वो हमें तीन मंदिर दे दें और 39,997 मस्जिदें ले लें। सुब्रह्मण्यम स्वामी के इस आफर पर आजम खां ने उनको सभी मस्जिदें ले लेने और नमाज पढ़ने की दावत दी।
कहा कि यूपी में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जहर घोलने का काम किया जा रहा है। यूपी हिंदुस्तान का दिल है। पिछले ढाई दशक से इस दिल पर अभी तक कोई कब्जा नहीं कर सका है। कोशिश है भाजपा की, लेकिन वो भी उसी तरह दलदल में गिर गई, जिस तरह कांग्रेस।
दलदल की खूबी है कि इसमें गिरने वाला जितना भी हाथ-पैर मारता है उतना धंसता जाता है। दिल्ली के चुनाव से सबक नहीं मिला और हाथ-पैर मारकर बिहार का अंजाम देख लिया है। बिहार के बाद जितने चुनाव हुए सब में हारे। आने वाले दिनों में गुजरात में भाजपा का उसी तरह से सफाया हो जाएगा, जिस तरह दिल्ली और बिहार में हुआ है।
आजम खां ने आशंका जताई की समझौता एक्सप्रेस कांड जैसी घटना को अंजाम दिया सकता है। बुनियादी तौर पर भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी सब हिंदुस्तानी हैं। अखंड भारत की बात तो लोग दूसरी नीयत से करते हैं। हम तो रंगून तक हिंदुस्तान का सपना देखते हैं।
स्वामी असीमानंद ने अदालत में कबूल किया था कि वो समझौता एक्सप्रेस कांड के मुख्य डिजाइनर थे। हम प्रधानमंत्री से ये जानना चाहते हैं कि इसके बाद भी गुजरात सरकार ने उनकी जमानत का विरोध क्यों नहीं किया। सभी जानना चाहते हैं कि समझौता एक्सप्रेस में ब्लास्ट करने वालों ने और कितने ब्लास्ट किए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी जो बात कह रहे हैं, उसको खारिज करने का कोई आधार नहीं है। दरअसल 2012 में केंद्र सरकार कमजोर थी, सरहदें भी कमजोर थीं। तिवारी की बात को कांग्रेस खारिज कर रही है। केंद्र सरकार को चाहिए कि मामले की जांच कराए। कोई आयोग बैठाए।