जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे लाल सिंह पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पसोपेश में है। एक ओर सपाई गिरफ्तारी पर अड़े हुए हैं, वहीं गिरफ्तारी में आड़े आ रही कानूनी पेचीदगी भी हैं। फिलहाल इस उलझन को सुलझाने के लिए पुलिस कानूनी राय लेने की बात कर रही है।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी लाल सिंह के खिलाफ पुलिस ने दो दिन पहले सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस का आरोप था कि लाल सिंह ने अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान चुनाव आयोग से झूठी शिकायत की। प्रशासन और सरकारी की छवि को धूमिल किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मतदान को प्रभावित करने के लिए इस तरह की झूठी शिकायतें की गईं। पुलिस ने सपाइयों की मांग पर मुकदमा तो दर्ज कर लिया। इसके बाद सपाइयों ने लाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर भी अफसरों से मुलाकात की। पुलिस ने छापेमारी करने की बात कही।
पुलिस अब लाल सिंह की गिरफ्तारी को लेकर पसोपेश में आ गई है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है दरअसल उसमें गिरफ्तारी संभव नहीं है। कानून की कई पेचीदगी की वजह से कोर्ट की अनुमति से ही आरोपी की गिरफ्तारी हो सकती है।
इस मामले की तफ्तीश को भी कोर्ट ही हरी झंडी दे सकती है। यानि जिला पंचायत सदस्य की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस पसोपेश में है। फिलहाल पुलिस कानूनी राय लेने की भी तैयारी कर रही है।