यतीमखाना प्रकरण में वक्फ की जमीन पर काबिज परिवारों को उजाड़ने पर हुई कवरेज से खफा संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां अपने चिरपरिचित अंदाज में मीडिया पर भड़के। यतीमखाने की जमीन से लेकर जौहर यूनिवर्सिटी का भी जिक्र किया। आजम खां बोले कि विरोधी नहीं चाहते कि गरीबों के बच्चे अच्छी तालीम हासिल करें। कहा, आवाम को तय करना होगा कि जालिम कौन है। उन्होंने नवाब खानदान और विरोधियों को भी निशाने पर लिया।
जिला सहकारी बैंक के सभागार में आवास आवंटन पत्र वितरण के दौरान आजम खां न तो प्रदेश और न ही देश की राजनीति पर बोले। बल्कि शुरू से आखिर तक उनके निशाने पर नवाब खानदान और मीडिया रही। भाषण की शुरुआत नवाबों से की। बोले, नवाबों ने आवाम को अपना गुलाम बनाकर रखा।
वह नवाबों की निशानी ही नहीं बल्कि तजकरा भी मिटा देना चाहते हैं। नवेद मियां का बिना नाम लिए बोले, विरोधी उन्हें जालिम बता रहे हैं। सवाल किया- जालिम अल्लाह की जमीन पर कब्जा करने वाले हैं या जमीन से कब्जा हटवाकर गरीब बच्चों की तालीम के लिए स्कूल बनवाने वाले, यह आवाम को खुद ही तय करना होगा।