दढ़ियाल। बिजलीघर पर कर्मियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में आरोपी दूसरे दिन भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस न तो नामजद आरोपी भाजयुमो के जिला मंत्री के साथ मारपीट में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर पाई है और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर पाई है। इसको लेकर बिजली कर्मियों में रोष है। मामले में दढ़ियाल चौकी इंचार्ज सतेंद्र मलिक का कहना है कि प्रकरण में लगी धाराओं के अंतर्गत फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी संभव नहीं है जांच के बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विदित हो कि बुधवार की रात करीब 10 बजे बिजली कटौती पर भाजयुमो जिला मंत्री अंकुश चौधरी ने अपने कुछ साथियों के साथ बिजलीघर गए थे। आरोप है कि इस दौरान इन लोगों ने ऑपरेटर अशोक कुमार और हेल्पर के रूप में तैनात संविदा कर्मी अब्दुल रब के साथ मारपीट की थी। मारपीट में दोनों कर्मचारी घायल हो गए थे। इस दौरान आरोपियों पर ऑपरेटर का मोबाइल फोन व कुर्सियां भी तोड़ने का आरोप है। बिजलीघर के जेई विजयपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने भाजयुमो जिला मंत्री अंकुश चौधरी व तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के विरोध में बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे विद्युत संविदा मजदूर संगठन रामपुर के महामंत्री फरहान खां के नेतृत्व में कर्मचारी बिजलीघर पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। धरने में नगर सहित स्वार, टांडा, मसवासी, सैदनगर और खौद आदि कई बिजलीघरों के कर्मचारी शामिल थे। बड़ी संख्या में कर्मचारियों के काम छोड़कर धरने पर बैठने की जानकारी पर एसडीओ राजदीप सिंह व स्वार बिजलीघर के जेई नौशाद हुसैन धरना स्थल पर पहुंचे और बिजली कर्मियों से वार्ता की थी। उन्होंने कर्मियों को तीन दिन के भीतर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया था।
मामले में चौकी प्रभारी सतेंद्र मलिक का कहना है कि प्रकरण में लगी धाराओं के अंतर्गत फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी संभव नहीं है। विद्युत संविदा मजदूर संगठन रामपुर के महामंत्री फरहान खां का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने कर्मचारियों को तीन दिन का समय दिया है। तीन दिनों में यदि आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह कर्मचारियों से बात कर अगली रणनीति बनाएंगे।