रामपुर। टीबी संक्रमण की चपेट में आकर जीवन गुजार रहे सैकड़ों बच्चों को बीमारी से मुक्ति मिल गई है। वर्ष 2019 से अब तक 650 टीबी संक्रमित बच्चों को विभिन्न अधिकारियों और स्वयं सहायता समूहों ने गोद लेकर उनके पोषण और उपचार की जिम्मेदारी संभाली। लिहाजा तीन साल में 484 गोद लिए गए बच्चों ने पुष्टाहार और समयबद्ध उपचार से टीबी संक्रमण को मात देकर सेहतमंद जिंदगी जीनी शुरू कर दी है।
जिले में केंद्र सरकार और क्षयरोग उन्मूलन विभाग की पहल के बाद जरूरतमंद टीबी संक्रमित ऐसे बच्चे जिनकी आयु शून्य से 18 साल के बीच है, उन्हें अधिकारियों और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने गोद लेना शुरू किया। गोद लेने के बाद इन बच्चों के पोषण, समय से दवा लेने से लेकर उपचार की निगरानी तक की जिम्मेदारी गोद लेने वाले अधिकारी या संबंधित स्वयं सहायता समूह की हो गई। नतीजतन गोद लिए गए बच्चों की लगातार सही देखभाल और खानपान की व्यवस्था हुई। लगातार निगरानी कर उनका पूरा ध्यान रखा गया। नतीजा यह रहा कि तीन साल में गोद लिए 650 बच्चों में से 484 बच्चे टीबी संक्रमण को मात दे चुके हैं।