रामपुर। जिले में करीब साढ़े चार लाख किसान अब तक प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकृत होकर निधि की किस्त ले चुके हैं। लेकिन, जब बात प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की हो तो सिर्फ करीब साढ़े चार सौ किसानों ने ही बीमा कराया है। इसमें भी एक भी किसान ऐसा नहीं है जिसने खुद स्मार्ट फोन के जरिए बीमा कराया हो।
फसल बीमा न कराने को लेकर किसानों का कहना है कि बीमे का प्रीमियम तो कट जाता है लेकिन, उन्हें क्लेम नहीं मिल पाता। ऐसे में स्वैच्छिक बीमा कराने की सुविधा होने पर उन्होंने बीमा कराना बंद कर दिया। वहीं कई किसानों ने फसल बीमा योजना के लिए बैंक स्तर से लेकर जनसेवा केंद्रों या स्मार्ट फोन से ऑनलाइन पंजीकरण कराने की प्रक्रिया को जटिल बताते हुए बीमा न कराने की बात कही। जिले में रबी फसल के लिए 31 दिसंबर तक फसल बीमा कराना है लेकिन, अभी तक करीब साढ़े चार सौ किसानों ने ही बीमा कराया है। इसमें से 316 किसानों की क्रॉप लिमिट होने के कारण बैंक स्तर से बीमा किया गया है तो वहीं 34 किसानों ने जनसेवा केंद्रों के माध्यम से बीमा कराया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत संबंधित किसान अपनी फसल का बीमा कर सकता है। जिसमें किसान से गेहूं की फसल पर 1105 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से प्रीमियम की धनराशि ली जाती है, जबकि फसल को नुकसान होने पर 73654 रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से बीमित धनराशि होती है।