रामपुर। गन्ना पेराई सत्र में गन्ना तुलवाने के लिए गन्ना किसान द्वारा खतौनी और घोषणापत्र जमा करना अनिवार्य है। लेकिन जिले में करीब पांच हजार गन्ना किसानों ने अभी तक खतौनी जमा नहीं की है। ऐसे में इन किसानों का गन्ना सट्टा नहीं चलेगा। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विभाग ने 30 सितंबर तक खतौनी संबंधित समिति में जमा करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद खतौनी जमा नहीं की जाएगी।
जिले में अक्तूबर माह में गन्ना पेराई सत्र की शुरुआत हो जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। शासन की मंशा है कि अक्तूबर माह के तीसरे सप्ताह तक गन्ना पेराई सत्र शुरू कर दिया जाए। इसके लिए विभाग द्वारा सर्वे भी किया जा चुका है। जिले में इस बार करीब दस फीसदी गन्ना रकबा बढ़ा है। वहीं गन्ना तौल में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भी विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। जिले में सत्तर से अधिक किसानों का सट्टा फर्जी पाए जाने पर उस पर पर्ची आवंटन रोकने की कार्रवाई की जा रही है। इस बार गन्ना पर्चियां भी मिल के माध्यम से किसानों को नहीं दी जाएंगी। गन्ना पर्ची सीधे गन्ना समिति कर्मी द्वारा किसान तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही अन्य तैयारियां भी पूरी की जा रही हैं। गन्ना पेराई सत्र शुरू होने में करीब एक माह का समय भी शेष नहीं है और अभी तक करीब पांच हजार किसानों ने अपनी खतौनी और घोषणापत्र विभाग को मुहैया नहीं कराया है। जिससे गन्ना रकबा सर्वे के आधार पर तैयार इनका सट्टा काम नहीं करेगा। जिले में करीब 37 हजार गन्ना किसानों को खतौनी उपलब्ध करानी थी। इसमें से करीब 32 हजार ने ही खतौनी दी है।
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जिले में करीब पांच हजार गन्ना किसानों ने खतौनी जमा नहीं की है। अगर इन किसानों ने 30 सितंबर तक खतौनी जमा नहीं की तो इनका सट्टा नहीं चलेगा।
-हेमराज सिंह, जिला गन्ना अधिकारी