रायबरेली। जैन समाज के संयम और आत्मशुद्धि के महापर्व पर शनिवार को जैन मंदिर में उत्तम अकिंचन धर्म की उपासना हुई। सुबह 7 बजे श्रीजी का अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। शाम को रंगारंग एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भक्ति का संचार किया। भगवान की पहली शांतिधारा का सौभाग्य अंनत जैन एवं प्रदीप शर्मा के परिवार को प्राप्त हुआ।
जैन समाज की ओर से 10 सितंबर से पर्युषण पर्व मनाया जा रहा है। इसके नौवें दिन उत्तम अकिंचन धर्म की उपासना की गई। इसके तहत आत्मशुद्धि की साधना की जा जाती है। कुछ लोग निर्जल उपवास रखते हैं।
इच्छा से कुछ न कुछ त्याग करने का संकल्प लेते हैं। सिविल लाइन स्थित दिगंबर जैन मंदिर में सुबह पूजा के दौरान जैन समाज के अध्यक्ष हेमंदर जैन ने कहा कि मानव जीवन में ड्यूटी की आवश्यकता है, ब्यूटी की नहीं।
जीवन को कर्तव्य चाहिए, सुंदरता नहीं। कर्तव्य आत्मा से होता है। उत्तम अकिंचन धर्म पर महामंत्री आरके जैन ने कहा कि संसार में अपना कुछ भी नहीं। हमें जो भी मिला है, वह छूटने के लिए है।
जैन समाज के मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया कि रविवार को पर्व के दसवें दिन अनंत चौदस पर विश्व शांति के लिए संगीतमय विशेष पूजा होगी। इस अवसर पर जैन समाज के संजय जैन, रमेश जैन, अजय जैन, इंदर जैन, प्रदीप शर्मा, अशोक जैन, संदीप जैन, शुभम जैन, हितेश जैन, सुधीर जैन, संजीव जैन, राकेश जैन, संदीप जैन, नितिन जैन, अरिहंत जैन, अनीता जैन, रंजना जैन, विकास जैन, अभिनव, पूजा जैन, शारदा जैन, प्रियांशी जैन, उर्मिला जैन, इंदु जैन, रजनी जैन, स्वाति जैन, प्रियंका जैन, महक जैन, आशिका जैन, रंजना जैन, अनिता जैन आदि उपस्थित रहे।