रायबरेली। एक ओर जहां लोगों में कोरोना को मात देने के लिए टीका लगवाने के लिए जोश है। वहीं 46 हजार लोग ऐसे भी हैं जो समय पर टीके की दूसरी डोज लेना ही भूल गए। ड्यू डेट में 1,24,375 लोगों को दूसरी डोज ले लेनी चाहिए थी, लेकिन महज 77,551 लोगों ने ही दूसरी डोज ली।
46,824 लोगों ने तय समय में दूसरी डोज नहीं ली है। जिले में 3617 फ्रंटलाइन व 1916 हेल्थ वर्करों ने कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं ली। लक्ष्य के सापेक्ष दूसरी डोज देने के लिए अब हर शनिवार को सिर्फ बूस्टर टीके ही लगाए जाएंगे।
कोरोना से बचने के लिए इम्युनिटी बढ़ाना बहुत जरूरी है। जिले में 16 जनवरी से टीकाकरण शुरू हुआ। पहले स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए गए, फिर फ्रंटलाइन वर्करों में टीकाकरण किया गया।
60 वर्ष से अधिक वृद्धजनों में टीकाकरण के बाद 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में टीका लगाने के बाद अब 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों में टीका लगाया जा रहा है। जिले में अब तक 5,64,699 लोगों को टीके लगाए गए। इसमें 3,08,909 पुरुष और 2,55,590 महिलाएं शामिल हैं।
जिले में अब तक 4,87,087 लोगों में पहली डोज लगवाई है। दूसरी डोज मात्र 77551 लोगों ने ली। गुरुवार तक ड्यू डेट के हिसाब से जिले में 1,24,375 लोगों को दूसरी डोज ले लेनी चाहिए थी, लेकिन तय समय में 46,824 लोग बूस्टर डोज नहीं ले पाए हैं।
खास बात यह कि हेल्थ और फ्रंटलाइन वर्करों को सबसे पहले टीके लगाए गए, लेकिन 3617 फ्रंटलाइन और 1916 हेल्थ वर्कर बूस्टर डोज से वंचित रह गए हैं। दूसरी डोज के लिए वे सेंटरों पर पहुंचे ही नहीं। हालांकि अब बूस्टर डोज के लक्ष्य को पाने के लिए हर शनिवार को दूसरी डोज लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे लक्ष्य की पूर्ति होने की उम्मीद है।
जिले में अब तक माहवार टीके लगाए
माह लगे टीके
जनवरी 6,298
फरवरी 16,878
मार्च 65,823
अप्रैल 61,078
मई 21,624
जून 96,489
जुलाई 2,06,167
अगस्त (अब तक) 90,340
कुल 5,64,499
महिला और पुरुष में टीकाकरण
टीकाकरण लगे टीके
पुरुषों को लगे टीके 3,08,909
महिलाओं को लगे टीके 2,55,590
अब तक लगे कुल टीके 5,64,499
पहली और दूसरी डोज
उम्र व वर्कर प्रथम डोज द्वितीय डोज
फ्रंटलाइन वर्कर 13,173 9,556
हेल्थ वर्कर 11,487 9,511
18 से 45 की उम्र तक 2,34,466 7,626
45 से 60 की उम्र तक 1,25,388 25,579
60 साल से अधिक उम्र तक 94,944 69,686
कोरोना को मात देने में दोनों टीके जरूरी: विनय
एनएचएम के जिला शहरी समन्वयक विनय पांडेय का कहना है कि कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अब तक पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ऐसे में टीका ही एक सहारा है जिससे लोगों की जान बचाई जा सकती है। टीका लगने के बाद यदि कोई संक्रमित भी होता है तो जान का संकट नहीं रहता। टीके के कारण उसकी कोरोना से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है, इसलिए लोग अधिक से अधिक कोरोना का टीका लगवाएं। खासकर टीके की दोनों डोज लेनी जरूरी है।
जिले में 5.64 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हो चुका है। दूसरी डोज कम लोगों ने ली है। इसी कारण शनिवार को दूसरी डोज के टीके लगाने का निर्णय लिया गया है। इससे ड्यू डेट तक अधिक से अधिक लोग दूसरी डोज का टीका लगवा लेंगे।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ