रायबरेली। शहर क्षेत्र में मंगलवार को सीवर मैनहोल में सफाई के दौरान जहरीली गैस से दम घुटने के कारण सुपरवाइजर समेत दो श्रमिकों की मौत हो गई। यह घटना तब हुई, जब अमृत योजना के तहत सीवर लाइन की टेस्टिंग का कार्य चल रहा था। घटना की जानकारी होने पर डीएम संग अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। करीब डेढ़ घंटे के रेस्क्यू के बाद दोनों श्रमिकों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। एक श्रमिक मथुरा, जबकि दूसरा श्रमिक राजस्थान का रहने वाला था। डीएम ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया गया था। मौजूदा समय में पहले चरण में सीवर लाइन की टेस्टिंग का कार्य कराया जा रहा है। लगभग पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मंगलवार की सुबह तोमर कंस्ट्र्क्शन कंपनी में तैनात सुपरवाइजर एवं मथुरा जिले के वृंदावन निवासी संजीव नागर (40) एवं राजस्थान के डौलपुर जिले के राजाखेड़ा निवासी श्रमिक योगेश वाल्मीकि (35) मनिका रोड स्थित सीवर के मैनहोल में उतरकर सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस से दोनों बेहोश हो गए।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, सीओ सदर वंदना सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट पल्लवी मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद एक-एक करके दोनों श्रमिकों को बाहर निकाला गया। एंबुलेंस से दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पर इमजरेंसी में तैनात डॉ. शिवकुमार ने दोनों श्रमिकों को मृत घोषित कर दिया। सदर कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने शवों का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
अमृत योजना कार्य के लिए शासन से कार्यदायी संस्था जल निगम है। वहीं काम कराने के लिए फर्म घारपूरे इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को नामित किया गया है, लेकिन घारपूरे कंपनी की ओर से यह कार्य तोमर कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से कराया जा रहा था। घारपूरे फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर एसके बेरा ने बताया कि तोमर कंस्ट्रक्शन द्वारा कार्य कराया जा रहा था। घटना की जानकारी मिली है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि मामला गंभीर है। प्रकरण में जांच के आदेश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ एफआईआर करके सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डॉ. शिव कुमार ने बताया कि सीवर के मैनहोल में गंदगी के कारण हाइड्रोजन सल्फाइड गैस बन जाती है। ज्यादा मात्रा में गैस बनने के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है और दम घुटने से मौत हो जाती है। जहरीली गैस के कारण ही श्रमिकों की जान गई है। उनका कहना है कि सीवर मैनहोल में जलभराव होने के कारण ही जहरीली गैस बन जाती है, जिसके चलते मौत का खतरा रहता है। सीवर मैनहोल की सफाई के दौरान जलभराव कतई नहीं होना चाहिए था। होल को सूखा रखा जाना चाहिए था।
सीओ सदर वंदना सिंह ने बताया कि दो श्रमिकों की मौत के मामले में जलनिगम के एक्सईएन जीसी श्रीवास्तव की तहरीर पर जलनिगम के जेई सुरेंद्र यादव, घारपूरे इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, तोमर कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक नरेश के अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर अमित तोमर, लेबर ठेकेदार सिंह शेर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में लेबर ठेकेदार को हिरासत में लेकर घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।