रायबरेली। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम अनीशा ने 23 साल पुराने एक मुकदमे में खाद्य कारोबारी को दोषी करार दिया। मुकदमे में फैसला सुनाते हुए कारोबारी को न्यायालय के उठने तक कटघरे में खड़ा रखा गया। दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। 2009 के भी एक मुकदमे में कारोबारी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
वर्ष 2001 में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शहर स्थित कमलू की दुकान से खाद्य पदार्थ का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में खाद्य पदार्थ असुरक्षित घोषित किए जाने पर 2002 में दुकानदार पर एसीजेएम कोर्ट में मुकदमा किया गया था। वर्ष 2009 में भी खीरों निवासी सुधाकर के खाद्य पदार्थ असुरक्षित मिलने के बाद मुकदमा किया गया था।
दोनों मुकदमों की सुनवाई करते हुए एसीजेएम ने दोनों दुकानदारों को दोषी कराकर देते हुए दो-दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। न्यायालय उठने तक दोनों को कटघरे में रखने की सजा भी दी।