रायबरेली। कुपोषित बच्चों को भर्ती करके इलाज की सुविधा अब सीएचसी ऊंचाहार में भी मिलेगी। सीएचसी स्तर पर पहला मिनी पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) खोला गया है। इसमें जिले के साथ ही प्रतापगढ़ व फतेहपुर आदि जिले के कुपोषित बच्चों का भी इलाज हो सकेगा। जिले में कुपोषित बच्चों को भर्ती करके इलाज देने के लिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की दूसरी मंजिल पर पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित है।
यहां एक साथ 10 कुपोषित बच्चों को भर्ती करने की सुविधा है। अब तक ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में यह सुविधा न होने के कारण बच्चों के इलाज में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। प्रतापगढ़, फतेहपुर से जुड़े होने के साथ ही जिले के भी कुपोषित बच्चे ऊंचाहार सीएचसी में अधिक संख्या में पहुंच रहे थे। शासन की मंशा पर फर्स्ट रेफरल यूनिटों में भी पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊंचाहार सीएचसी में दो बेड की एनआरसी को संचालित करा दिया गया है। डॉ. निधि चौरसिया को इसका नोडल बनाया गया है। एक स्टॉफ नर्स तैनात करके दूसरे कर्मचारियों का इंतजाम कराया जा रहा है। कुपोषित बच्चों को मिनी एनआरसी में भर्ती करके इलाज की सुविधा देने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा होने के बाद अब ऊंचाहार क्षेत्र के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल नहीं लाना पड़ेगा।
ऊंचाहार सीएचसी में पहला मिनी पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित करा दिया गया है। यहां एक साथ दो बच्चों को भर्ती करने की व्यवस्था है। अधीक्षक को कुपोषित बच्चों को मिनी एनआरसी में भर्ती करके इलाज शुरू कराने के आदेश दिए गए हैं।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ रायबरेली