ऊंचाहार (रायबरेली)। लखनऊ-प्रयागराज नेशनल हाईवे पर नए टोल बूथ को बनाने का काम अंतिम चरण में है। जल्द ही हाईवे पर फर्राटा भरने वालों को जेब ढीली करनी पड़ेगी।
पेंटिंग के साथ सीसीटीवी, कंप्यूटर व जीपीएस लगाने के लिए वायरिंग कराई जा रही है। टोल बूथ पर 15 अगस्त के बाद शुरू करने की योजना है। इसके लिए एनएचएआई ने तैयारी शुरू कर दी है। एनएचएआई बड़े व छोटे वाहनों पर लगने वाले टोल टैक्स निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण नेशनल हाईवे पर क्षेत्र के चडरई चौराहे के पास टोल बूथ बना रहा है। वाहन चालक टोल टैक्स देने के बाद ही बूथ से गुजर पाएंगे। टोल बूथ का निर्माण हाईवे बनाने वाली वीआईएल कांस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है।
हाईवे पर टोल बनाने का काम अंतिम चरण में है। टोल प्लाजा पर बने बूथों की रंगाई-पुताई लगभग पूरी हो चुकी है। बूथों पर टैक्स वसूली के लिए कंप्यूटर, जीपीएस व सीसीटीवी आदि उपकरण लगाने का काम शुरू है। इसके लिए वायरिंग की जा रही है।
वायरिंग के बाद लाइट लगाने का काम शुरू किया जायेगा। एनएचएआई के मैनेजर योगेश तिलक ने बताया कि टोल बूथ 15 अगस्त के बाद शुरू करने की योजना है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
छोटे व बड़े वाहनों पर लगने वाले टैक्स की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस टोल प्लाजा का 25 किमी रेंज निर्धारित किया गया है। इस रेंज के हिसाब से ही टैक्स का निर्धारण कर बूथ चालू किया जायेगा।
टोल टैक्स की वसूली हाइवे बनाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी वीआईएल ही करेगी। कंपनी से बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर सिस्टम के तहत नवंबर 2028 तक अनुबंध किया गया है। इसके बाद एनएचआई टोल बूथ का अधिग्रहण कर लेगी।
टोल प्लाजा से 20 किमी की रेंज के गांवों से आने वाले वाहनों टोल मे छूट दी जाएगी। इन वाहन चालकों को प्रतिदिन टोल नहीं देना पड़ेगा। इसके लिए एनएचएआई ने मासिक पास बनाने का प्रावधान रखा है।
यह पास टोल बूथ पर ही बनाया जाएगा। पास बनाते समय कंपनी रेंज में आने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन चेक करेगी। उसके बाद पास जारी किया जाएगा। इसमें छोटे चौपहिया वाहनों को लगभग 150 देर मासिक पास देने की तैयारी है। जल्द ही इसकी सूचना टोल बूथ पर चस्पा की जाएगी।
ग्राम प्रधानों ने की टोल फ्री करने की मांग
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम प्रधानों ने बूथ पर टोल फ्री करने की मांग की है। ग्राम प्रधान मो. आरिश, अनुज उपाध्याय, नरेंद्र यादव ने कहा कि हम लोगों को महीने में कई बार जगतपुर, रायबरेली व लखनऊ जाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत के लोगों या साथ इलाज व अन्य जरूरत पड़ने पर मदद के लिए साथ जाना पड़ता है। इससे हम लोगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। लालजी तिवारी, साधना सिंह, मो. आजम ने बताया कि इसके लिए विकास कार्यों से जुड़े कार्यों के लिए जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। ऐसे में हम लोगों को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ेगा। इसलिए क्षेेेत्रीय प्रधानों व वाहन स्वामियों से टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए।