ऊंचाहार (रायबरेली)। लाई, नमकीन और बिस्कुट खाने के बाद तबियत बिगड़ने से एक नर्सिंग होम में भर्ती तीसरी बच्ची ने भी शनिवार देर रात दम तोड़ दिया। इससे हड़कंप मच गया।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इससे पहले दो बहनों की शनिवार सुबह मौत हो गई थी। दोनों बहनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
इस पर विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। पुलिस की मानें तो अब विसरा जांच के लिए लखनऊ स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चियों की मौत के रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।
ऊंचाहार कोतवाली मिर्जा इनायतउल्लापुर (पट्टी) गांव निवासी किसान नवीन कुमार सिंह की बेटी परी व पीहू की शनिवार सुबह लाई, नमकीन व बिस्कुट खाने के बाद मौत हो गई थी, जबकि विधि (7) की हालत गंभीर होने पर उसे एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।
देर रात इलाज के दौरान विधि ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ तीन बहनों की मौत से क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। परी व पीहू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। जिसके बाद विसरा सुरक्षित कर लिया गया है।
विसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला, लखनऊ भेजा जाएगा। विसरा जांच रिपोर्ट में ही मौत की असली वजह सामने आएगी। एसडीएम विनय कुमार मिश्रा का कहना है कि घटना में कई बिंदुओं पर जांच चल रही है।
अधिकारी पहुंचे गांव, दर्ज किए बयान
तीसरी बच्ची की मौत की खबर के बाद रविवार सुबह जिले का प्रशासनिक अमला पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। एडीएम प्रशासन अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, एसडीएम विनय कुमार मिश्र व सीओ अशोक कुमार सिंह घटना की पड़ताल के लिए गांव पहुंचे।
परिवार के सदस्यों से बात की। कोतवाल शिवशंकर सिंह ने बेटियों की दादी मां गीता, मां बबिता सिंह, पिता नवीन सिंह व चाचा प्रवीण सिंह के अलग-अलग बयान दर्ज किए।
41 बच्चों की परखी गई सेहत
घटना के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्कता बरत रहा है। गांव के किसी अन्य बच्चे के साथ स्वास्थ्य संबंधी किसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए गांव के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. एमके शर्मा व डॉ. शिव त्रिपाठी की टीम ने गांव में दस वर्ष से कम 41 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। हालांकि जांच में किसी बच्चे में कोई परेशानी नहीं मिली। उधर, अधीक्षक ने बताया कि एहतियातन गांव के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। जांच में कोई परेशानी सामने नहीं आई।
उल्टी व बर्तन के सैंपल भेजे गए फॉरेंसिक लैब
तीन सगी बहनों की मौत के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने गांव पहुंचकर घटना की हर बिंदु पर जांच की। इस दौरान एएसपी ने अपनी मौजूदगी में बच्चियाें उल्टी के नमूने व जिस बर्तन में लाई-नमकीन खाया था, उस बर्तन का सैंपल लेकर फॉरेंसिक लैब भिजवाया।
एक फोन पर सीओ सदर ने की मदद
तीसरी बच्ची की जिला मुख्यालय स्थित एक नर्सिंग में मौत हो गई थी। शव जिला अस्पताल ले जाया गया। परिवारीजनों के पास शव को पोस्टमार्टम हाउस और घर तक ले जाने के लिए वाहन नहीं था। एक परिवारीजन ने सीओ सदर महिपाल पाठक को वाहन की व्यवस्था करने के लिए कहा तो उन्होंने तत्काल वाहन की व्यवस्था कराई। साथ ही सीओ ने अन्य मदद कराने का भरोसा भी दिया।
संभव नहीं लाई-नमकीन खाने से मौत
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ.बीरबल का कहना है कि यह संभव नहीं है कि लाई-नमकीन और बिस्कुट खाने से किसी की मौत हो जाए। तीसरी बच्ची तो स्वस्थ थी, लेकिन पता नहीं अचानक उसकी मौत कैसे हो गई। अब यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि बहनों की मौत की असल वजह क्या रही।
लाई-नमकीन और बिस्कुट खाने से तीन सगी बहनों की मौत हुई है। दो बहनों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इसके लिए बिसरा जांच के लिए भेजा जा रहा है। फॉरेंसिक टीम को भी मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए लगाया गया है।
विश्वजीत श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक