रायबरेली। जिले के पॉकेट रूटों पर सफर करने वाले मुसाफिरों का आवागमन अब जल्द और सुगम होगा। रायबरेली डिपो के बेड़े में जल्द और नई बसें शामिल होंगी। यह सब ग्रामीण अनुबंधित बस योजना के तहत होगा।
इसमें से आठ नई बसों की सौगात डिपो को दे दी गई है। अन्य बसों के भी फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में डिपो के बेड़े में शामिल होने की बात कही जा रही है। इन बसों के मिलने से एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
मौजूदा समय की बात करें तो रायबरेली डिपो में 92 बसें सरकारी और 88 अनुबंधित बसों की संख्या है। ग्रामीण क्षेत्रों के पॉकेट रूटों पर यात्रियों को शहर आने जाने में राहत देने के लिए ग्रामीण अनुबंधित बस योजना शुरू की गई है।
इस योजना के तहत रायबरेली डिपो को कुल 17 नई बसों की सौगात मिलना है। इसमें से आठ बसें दे दी गई हैं। अन्य शेष बची बसें इस माह मिलने की बात कही जा रही है।
अफसरों की मानें तो इन बसों के मिलने से खीरों, ऊंचाहार, जगतपुर, सलोन, शिवगढ़, हरचंदपुर, महराजगंज के पॉकेट रूटों पर संचालन किया जाएगा। जो नई बसें मिली हैं, उन्हें तकिया, जायस, अशरफपुर, चडऱई समेत अन्य पॉकेट रूटों पर संचालन शुरू करा दिया गया है।
रोडवेज की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बसों का संचालन न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। निजी बसों व अन्य वाहनों के संचालक ग्रामीणों से अधिक किराया वसूलते हैं।
ऐसे में अधिक रुपये खर्च करने के साथ ही ग्रामीणों को परेशानी होती थी, लेकिन रोडवेज की बसों का संचालन शुरू होने के बाद ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए ग्रामीण अनुबंधित बस योजना शुरू की गई है। इसके तहत 17 बसों की डिमांड उच्च अधिकारियों से की गई थी। आठ बसें मिल गई हैं। अन्य शेष बसें भी अगले माह मिल जाएंगे, जिन्हें जिले के पॉकेट रूटों पर दौड़ाया जाएगा।-अक्षय कुमार, एआरएम, रायबरेली डिपो