रायबरेली में रेलवे स्टेशन पर छाए कोहरे के बीच खड़ी ट्रेनें।
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जिले में फिर से सर्दी का सितम शुरू हो गया है। रविवार को कोहरे और शीतलहर से लोग ठंड से ठिठुर गए। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस पर लुढ़क गया। सुबह-शाम लोग घरों में दुबके रहे। कोहर की वजह से वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए नजर आए।
कुछ दिनों से मौसम साफ होने से सर्दी से राहत मिल गई थी। लेकिन रविवार को अचानक मौसम का मिजाज फिर बिगड़ गया। कोहरे और शीतलहर से लोग एक बार फिर सर्दी से ठिठुर गए। कोहरे की वजह से बसें और ट्रेनें धीमी गति से चली।
इससे लोगों को गतंव्य स्थान जाने में देरी हुई। दोपहर के वक्त अचानक धूप निकलने से कुछ राहत मिली। लेकिन शाम होते ही फिर आसमान में बदली छा गई और सर्दी बढ़ गई। कोहरा छाने से ट्रेन संचालन फिर बेपटरी हो गया है।
रविवार को हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल सात घंटे लेट रही। इसके अलावा नौचंदी एक्सप्रेस, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली पंजाब मेल समेत अन्य ट्रेनें भी एक-एक लेट रही। ट्रेनों के लेट होने की वजह से घंटों इंतजार के बाद यात्रियों को गतंव्य स्थान जाना पड़ा।
कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया का कहना है कि बदली छाने से खासकर सरसों की फसल पर माहू लगने का खतरा बढ़ गया है। वहीं गेहूं, चना आदि की फसल को नुकसान होने की कोई गुंजाइश नहीं है।
उनका कहना है कि यदि सरसों की फसल पर माहू लगता है तो कीटनाशक दवा मोनोक्रोटोफास्ट या फिर जैविक दवा नीम ऑयल का छिड़काव करें। दवा का छिड़काव करने से फसल को नुकसान नहीं होगा।