रायबरेली। शारीरिक शिक्षा विषय की पढ़ाई की। आंतरिक परीक्षा भी दे दी, जिसका मूल्यांकन हो गया। ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की कोशिश की तो शारीरिक शिक्षा विषय ही नहीं दिखा। इससे परीक्षा फार्म भरने से 72 छात्र-छात्राएं वंचित रह गए। कई बार आवाज उठाई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अंतिम तिथि भी निकल गई। इससे गुस्साए छात्र-छात्राएं भड़क गए। लखनऊ विश्वविद्यालय के खिलाफ नारेबाजी की। समस्या को हल करने की मांग की, ताकि भविष्य चौपट न होने पाए।
मामला शहर के फिरोज गांधी महाविद्यालय का है, जहां बीएससी प्रथम वर्ष के 72 छात्र-छात्राएं प्रभावित हैं। सोमवार को यही छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में शारीरिक शिक्षा विभाग के सामने जुटे। अपनी समस्या को लेकर आवाज उठाई। हंगामा भी किया। छात्र-छात्राओं ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार कॉलेज में शिकायत की, लेकिन हर बार प्राचार्य की ओर से आश्वासन मिला। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राकेश सिंह भी तीन दिन पहले इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे समस्या का हल न निकल पाने की चिंता बढ़ गई है। महिमा देवी, खुशी गुप्ता, रूबी यादव, गरिमा, सायमा, पूजा यादव, प्रशांत यादव, दल बहादुर, कुशलेंद्र प्रताप आदि ने कहा कि जब पहले से पता था तो शारीरिक शिक्षा विषय क्यों दिया गया। अब विषय बदलने की बात कही जा रही है।
कमल सिंह, दीक्षा, नंदिनी, संजना श्रीवास्तव, नीतू पाल, अंतिमा देवी, स्मिता सिंह, संचिता सिंह, नेहा यादव, लवली सोनकर आदि छात्र-छात्राओं ने बताया कि बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया तो शारीरिक शिक्षा विषय भी आवंटित किया गया। इसी विषय की पढ़ाई की और आंतरिक परीक्षा भी दी। ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की बारी आई तो विकल्प के रूप में शारीरिक शिक्षा विषय ही नहीं दिखा। समस्या हल कराने का आश्वासन मिलता रहा, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अंतिम तिथि भी निकल गई है। छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। बाद में विभागाध्यक्ष के माध्यम से प्राचार्य को संबोधित प्रार्थनापत्र सौंपा। उप प्राचार्य डॉ. बीडी मिश्र ने समस्या का निराकरण कराने का भरोसा दिया।
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30 जनवरी तक थी फॉर्म भरने की अंतिम तिथि
शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सी. लाल बताते हैं कि ऑनलाइन परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि 30 जनवरी तक ही थी, जिससे 72 छात्र-छात्राएं फार्म भरने से वंचित रह गए। बीएससी प्रथम वर्ष में छात्र-छात्राओं को अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा, सैन्य अध्ययन विषय चयनित करने की सुविधा दी थी। तीनों ही विषय नहीं जुड़े थे। हालांकि बाद में सैन्य अध्ययन और अर्थशास्त्र को ऑनलाइन परीक्षा फार्म से जोड़ दिया गया, लेकिन शारीरिक शिक्षा को अब तक नहीं जोड़ा गया। अगर छात्र-छात्राएं फार्म नहीं भर सकेंगे तो उनका एक वर्ष बेकार हो जाएगा। विभागाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने भी विद्यार्थियों की समस्या को दूर किए जाने के लिए कुलपति को पत्र भेजा है।
कुलसचिव को भेजा गया पत्र
लखनऊ विश्वविद्यालय से मिले मौखिक निर्देशों पर बीएससी के छात्र-छात्राओं को सैन्य अध्ययन, अर्थशास्त्र, शारीरिक शिक्षा विषय दिए गए थे। ऑनलाइन फार्म भरने पर शारीरिक शिक्षा जुड़ा हुआ नहीं पाया गया। इससे 72 विद्यार्थी फार्म भरने से वंचित रह गए हैं। इस समस्या को लेकर कुलसचिव को पत्र भेजा है। कॉलेज की एक टीम भी सभी पत्रावलियों के साथ लखनऊ यूनिवर्सिटी भेजी जाएगी, ताकि समस्या का हल निकल सके। -डॉ. बीडी मिश्रा, उप प्राचार्य।