रायबरेली। कोरोना के खतरे को देखते हुए सोमवार से जिले में खांसी, जुकाम और बुखार से ग्रसित लोगों को चिह्नित करने के लिए जांच अभियान शुरू किया गया। शहर से लेकर गांव तक 1200 टीमें लगाई गईं। पहले दिन टीमों ने करीब 35 हजार घरों में पहुंचकर 1.60 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की।
जांच में करीब 120 लोग खांसी, जुकाम और बुखार से ग्रसित मिले। चिह्नित लोगों की कोरोना की जांच कराई जाएगी। शहर के सभी 34 मोहल्लों में दो-दो टीमें लगाई गई थी। जिले में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। पहले भी अभियान चलाकर जिले के लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी।
अब फिर से अभियान शुरू किया गया है। इस बार खांसी, जुकाम और बुखार के रोगियों को चिह्नित करने के लिए शहर के गोराबाजार, जफर नगर, इंदिरा नगर, अमर नगर, खाली सहाट, सत्य नगर, निराला नगर, राना नगर सहित सभी मेाहल्लों में थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई।
इसके अलावा गांवों में भी टीमों ने पहुंचकर लोगों की जांच करके जुकाम, बुखार और खांसी से ग्रसित लोगों को चिह्नित किया। टीमों ने लोगों को कोरोना से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करने के साथ ही सोशल डिस्टेसिंग का पालन भी करने की सलाह दी।
गंभीर रूप से बीमार मरीजों को शहर में चिह्नित करने के लिए शुरू हुए अभियान में टीमों ने बच्चों को हाथ साफ रखने की सलाह दी। कई जगह बच्चों के हाथों को सैनिटाइज भी कराया।
आशा बहुओं ने गर्भवती महिलाओं से भी बात की और उन्हें इन दिनों में खास एहतियात बरतने की सलाह भी दी। ज्यादा घर से बाहर न जाने की भी सलाह दी। बुजुर्गों को भी घर से बाहर न जाने की सलाह दी गई।
डीएम के निर्देशन में शहर के 34 मोहल्लों में खासी, बुखार व जुकाम के मरीजों को चिह्नित करने के लिए अभियान शुरू किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में टीमों ने काम किया। पहले दिन 1200 टीमों ने करीब 35 हजार घरों में पहुंचकर 1.60 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की। - विनय पांडेय, जिला समन्वयक, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन