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14 अवैध निर्माणों का चालान, तीन कराए जाएंगे ध्वस्त

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रायबरेली। शहर में अवैध रूप से निर्माणाधीन 14 भवनों का चालान करने के साथ ही भवनों के मालिकों को नोटिस जारी की गई है। इसके अलावा तीन अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
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भवनों के मालिकों को 15 दिन में निर्माणों के संबंध में दस्तावेज उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर भवनों को सील करने की चेतावनी दी गई है।
आरडीए के अवर अभियंताओं ने अपने-अपने जोन में अभियान चलाकर 14 भवनों का चालान किया है। शहर के न्यू राना नगर में शैलेंद्र कुमार सिंह, सुरेश यादव, रमेश यादव व विकास अवस्थी के भवनों का चालान किया गया है।
कैलाशपुरी में नीरज जायसवाल व गुड्डू सिंह के निर्माणों का चालान किया गया है। लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर दूध डेयरी के पीछे ओमप्रकाश श्रीवास्तव, सिविल लाइन में मनीष गुप्ता, नितिन शर्मा, बरगद चौराहा स्थित सरिता, अजय सिंह, कचहरी रोड स्थित सतीश सक्सेना, छजलापुर में सूर्यवीर सिंह व तुलसीनगर में भरत वर्मा के निर्माणाधीन भवनों का चालान किया गया है।
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इसके अलावा सुभाष नगर में मयंक, त्रिपुला चौराहा स्थित मुन्नू लाल और नरेंद्र चौधरी के निर्माण कार्यों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। आरडीए के सचिव बीपी मौर्या ने बताया कि 14 निर्माण कार्यों का चालान करने के साथ ही निर्माण कराने वालों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
जवाब न आने पर निर्माण कार्यों को सील किया जाएगा। तीन निर्माण कार्यों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। जल्द ही निर्माण कार्यों को ध्वस्त कराया जाएगा।
28 अवैध भवनों की जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं
शहर में निर्माणाधीन 28 भवनों की जांच के लिए फाइलें एसडीएम सदर ने तलब की थी, लेकिन किसी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आठ महीने बाद भी अवैध भवन जस के तस हैं।
एसडीएम सदर ने टीमें भेजकर शहर के बुक मार्केट, कानपुर रोड, मधुबन रोड, घंटाघर, कचहरी रोड, सत्यनगर सहित अन्य क्षेत्रों में 28 निर्माणाधीन भवनों की जांच कराई थी। जांच के दौरान भवनों के मालिक भवनों के वैध होने के संबंध में जवाब नहीं दे पाए थे। मामले में एसडीएम ने आरडीए के सचिव से संबंधित भवनों की पत्रावलियां मांगी थी। हालांकि जांच के नाम पर अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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