रायबरेली। उप मुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी डॉ. दिनेश शर्मा गुरुवार को जिले में विकास कार्यों में मनमानी व परियोजनाएं अधूरी देख नाराज हुए। गांवों में 8.37 करोड़ से 3047 हैंडपंपों की रिबोरिंग की जांच सीडीओ को सौंपते हुए डीएम को अरबों की लागत के मॉडल स्कूलों, रिसोर्स सेंटर सहित अन्य बड़ी परियोजनाओं के कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए कहा।
सांसद सोनिया गांधी की निधि से 46.84 लाख से लगाई जा रहीं सोलर स्ट्रीट लाइटों की जांच कराने के आदेश भी दिए। डिप्टी सीएम ने परियोजनाओं को पूर्ण करवाने के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को पत्र भेजने के आदेश दिए।
बचत भवन में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने सुबह साढ़े 10 बजे अधूरे निर्माण कार्यों की समीक्षा शुरू की। एक-एक करकेे सभी विभागों से निर्माणाधीन कार्यों व विकास कार्यों की गुणवत्ता जांची। ग्राम पंचायतों में मनमाने तरीके से हुई हैंडपंपों की रिबोरिंग के मामले में डिप्टी सीएम गंभीर नजर आए।
उन्होंने प्रभारी सीडीओ/डीडीओ एसएन चौरसिया को सभी 3047 रिबोर किए गए हैंडपंपों की पूरी जांच कराने के निर्देश दिए। सांसद सोनिया गांधी की निधि से 46.84 लाख रुपये की लागत से एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड को 981 सोलर स्ट्रीट लाइटों का काम दिया गया है। प्रथम दृष्टया लाइटों की गुणवत्ता में खामी मिलने पर उन्होंने प्रभारी सीडीओ को लाइटों की जांच करवाने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान उन्होंने राजकीय मॉडल स्कूल टेकारी दांदू और जगतपुर के भवनों की जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने डीएम वैभव श्रीवास्तव को निर्देश दिए कि 50 लाख की लागत से अधिक के 117 कार्यों की गुणवत्ता की स्वयं जांच करवाएं। शहर में निर्माणाधीन रिसोर्स सेंटर की गुणवत्ता की जांच कराकर धनराशि की डिमांड की जाए।
पर्यटन विभाग की ओर से सारस होटल में कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी कराएं। डिप्टी सीएम निर्माण एजेंसी सीएंडडीएस, यूपी सिडको व अन्य निर्माण एजेंसियों के कार्यों को लेकर बेहद नाराज दिखे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने डीएम को निर्देश दिए कि जो परियोजनाएं धनाभाव के कारण पूरी नहीं हो पा रही हैं, उनको पूरा कराने के लिए शासन को पत्र भेजवाएं।
साथ ही जिन परियोजनाओं का धन उपलब्ध है, उनका काम गुणवत्ता परक तरीके से समय से पूरा कराया जाए। इसमें कतई लापरवाही न बरती जाए। बैठक में डीएम वैभव श्रीवास्तव, प्रभारी सीडीओ/डीडीओ एसएन चौरसिया, एडीएम प्रशासन राम अभिलाष, पीडी प्रेमचंद्र पटेल व डीपीआरओ उमाशंकर मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
वर्ष 2021-22 की जिला योजना को जिले स्तर से पास करने के लिए अगले महीने बैठक की तारीख तय होगी। करीब 4.23 अरब की जिला योजना तैयार कराई जा रही है। समीक्षा बैठक में डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जिला योजना तैयार कर ली जाए। अगले महीने की तारीख जल्द ही तय करके बैठक कराकर उसे पास किया जाएगा जिससे जिला योजना से विकास कार्यों में तेजी लायी जा सके।