सलोन (रायबरेली)। जानलेवा हमले के मामले में नामजद किए गए लोगों के पक्ष में रविवार को लोगों ने बस स्टेशन का घेराव करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। सभी ने जानलेवा हमले मामले में फर्जी तरीके से फंसाने का आरोप लगाया।
सलोन कोतवाल संजय त्यागी ने पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा देते हुए खफा लोगों को शांत कराया।
सलोन कोतवाली क्षेत्र के ममुनी में दो दिन पहले जमीनी विवाद को लेकर संदीप शुक्ला और विपक्षी नरेंद्र उर्फ चीता, गुलशन, गौतम और बगहा ग्राम प्रधान अमित पासी से वाद विवाद शुरू हुआ था।
इस दौरान आरोपियों ने जान से मारने की नियत से संदीप पर फायरिंग कर दी थी। संदीप की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
दोपहर बाद सुहेल देव भीम आर्मी के अध्यक्ष योगेश पासी की अगुवाई में पुरुषों और महिलाओं ने सलोन कस्बे पहुंचकर बस स्टेशन का घेराव करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान लोगों ने अमित पासी के ऊपर से मुकदमा हटाया जाने, दूसरे पक्ष से भी एफआईआर दर्ज करने, मुकदमे में दर्ज लोगो के घरों पर पुलिस दबिश न दिए जाने की मांग की। कोतवाल ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करके ही मामले में कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों को शांत कराया।
सुहेल देव भीम आर्मी के अध्यक्ष समेत 70 लोगों पर केस
त्योहार पर बिना परमीशन के बस स्टेशन का घेराव करने पर पुलिस ने 70 लोगों पर धारा 144 का उल्लंघन करने का केस दर्ज किया गया है।
कोतवाल ने बताया कि उपनिरीक्षक सुनील कुमार की तहरीर पर सुहेल देव भीम आर्मी के अध्यक्ष योगेश पासी, सूरज पासी, महेश पासी, सौरभ रावत, अतुल कुमार, सजंय पासी, नंद रावत, शंति देवी, वीरेंद्र समेत 20 लोग नामजद, जबकि 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 144 का उल्लंघन करने का केस दर्ज किया गया है।
सलोन कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है अमित पासी
सलोन कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि जिस अमित पासी का नाम एफआईआर से हटाने की मांग जा रही है, वह सलोन कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है। साथ ही वह गांव का ग्राम प्रधान भी है। गैंगेस्टर, लूट समेत उसके खिलाफ 12 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कराई जा रही है। जांच के आधार पर ही मामले में कार्रवाई होगी।