रायबरेली। अटेवा के पदाधिकारियों ने गुरुवार को विकास खंड खीरों के नवागत खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कुमार से मुलाकात की। उन्हें अटेवा स्मारिका, नई व पुरानी पेंशन के अंतर और अटेवा के प्रयास से हुए परिवर्तन का पोस्टर भेंट किया। बीईओ ने अटेवा के आंदोलनों में सहयोग का आश्वासन दिया।
बीईओ ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षकों व कर्मचारियों के जीवन का बहुत बड़ा सहारा है, जिसके बिना सरकारी नौकरी का कोई आकर्षण नहीं दिखता। सरकार को पेंशन विहीनों के बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन को अवश्य बहाल करना चाहिए।
जिला संयोजक अखिलेश सिंह, खीरों संयोजक अमित बाजपेयी, सह संयोजक रमेश शाश्वत, कौशिक वर्मा, वीरेंद्र, अमन ने कहा कि अटेवा शिक्षकों-कर्मचारियों के सहयोग से नई पेंशन व्यवस्था में कई संशोधन कराने में सफल हुआ है। हमारा लक्ष्य पुरानी पेंशन की बहाली है, जिसके लिए अटेवा निरंतर आंदोलन करता रहेगा।
जिला महिला संयोजक प्रकाशिनी पांडेय, कोषाध्यक्ष अंजनी मौर्या, मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम ने कहा कि आज हर मंच से पुरानी पेंशन बहाली की मांग उठ रही है। यह मुद्दा अब जन आंदोलन का रूप धारण करता जा रहा है। अगर इसी तरह से अटेवा को अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का साथ मिलता रहा तो एक न एक दिन पुरानी पेंशन बहाल जरूर होगी।