मुसाफिरखाना में वेटलैंड पार्क के पास गौतमपुर मजरे पूरे पहलवान निवासी करुणेश सिंह ने स्मृति को एक शिकायती पत्र दिया। इसमें बताया कि उसके पिता परिषदीय स्कूल में शिक्षक थे। उनकी मृत्यु हो चुकी है। मां सावित्री को पेंशन मिलनी है। लेखपाल सत्यापन नहीं कर रहा। इस पर स्मृति ने लेखपाल का नंबर लिया और सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर से डायल करने को कहा। सीडीओ ने डायल किया। फोन मिलने पर स्मृति ने कहा... हेलो दीपक जी, स्मृति ईरानी बोल रही हूं, सांसद अमेठी। फोन डिस्कनेक्ट हो गया। सीडीओ ने दोबारा नंबर डायल किया।
इसके बाद उन्होंने कहा कि मैं स्मृति ईरानी बोल रही हूं साहब...सांसद अमेठी। आप अंकुर को जानते हैं? लीजिए बात करिए। अंकुर लॉठर ने कहा कि क्या आप सीडीओ को नहीं जानते। कल आप विकास भवन आकर मिलिए। हालांकि एसडीएम सविता यादव ने यह कहते हुए लेखपाल को बचाने की कोशिश की कि उसे कम सुनाई पड़ता है। इसके बावजूद लेखपाल की हरकत से सांसद व सीडीओ दोनों नाराज दिखे।
स्मृति को न पहचानने वाला लेखपाल जांच में निर्दोष
सांसद व सीडीओ को फोन कॉल पर नहीं पहचानने वाले लेखपाल से जुड़ी रिपोर्ट एसडीएम मुसाफिरखाना ने सीडीओ को भेज दी है। रिपोर्ट में लेखपाल को निर्दोष बताया गया है। रिपोर्ट के साथ इस बात की जानकारी भी दी गई है कि स्मृति के सामने पेश होने वाले शिकायतकर्ता की शिकायत निस्तारित हो चुकी है।
अमेठी व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 27 अगस्त को जिले के दो दिवसीय दौरे पर आई थीं। दौरे के पहले दिन स्मृति ने मुसाफिरखाना के कादूनाला वन क्षेत्र के वेटलैंड एंड ईको पार्क का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के बाद निकल रहीं स्मृति से गौतमपुर मजरे पूरे पहलवान निवासी करुणेश सिंह ने अपने गांव के लेखपाल दीपक की शिकायत की थी। करुणेश ने आरोप लगाया था कि लेखपाल उनकी मां के पेंशन कागजात को सत्यापित नहीं कर रहा जिससे पेंशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। शिकायत सुनते ही स्मृति ने लेखपाल को फोन मिलवा दिया।
हालांकि दो बार फोन मिलाने के बावजूद लेखपाल न तो स्मृति को पहचान सका न ही सीडीओ डॉ. अंकुर लाठर को। इस मामले के गरम होने के बाद सीडीओ ने एसडीएम मुसाफिरखाना सविता यादव से रिपोर्ट तलब की। एसडीएम की ओर से सीडीओ को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि करुणेश ने अपने पेंशन कागजात 26 अगस्त को दिए थे। उसमें भी सत्यापन के लिए आवश्यक सभी अभिलेख नहीं लगे थे। लेखपाल ने करुणेश से सभी कागजात देने को कहा था। रिपोर्ट में करुणेश की शिकायत निस्तारित करने की बात लिखी गई है। सीडीओ ने बताया कि लेखपाल को काफी ऊंचा सुनाई पड़ता है। इसी आधार पर उसे नौकरी भी मिली है।