रायबरेली। मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र पहुंचीं प्रियंका वाड्रा के चेहरे पर न सिर्फ पारिवारिक विरासत बचाने की चिंता दिखी, बल्कि अपनों के बीच उनका दर्द भी छलका। उन्होंने कहा कि रायबरेली और अमेठी उनका घर है।
घर के लोगों की निष्ठा पर उन्हें कोई संदेह नहीं है। मुझे बस आप सबका समर्पण चाहिए। रायबरेली और अमेठी के लोगों का उन्होंने आह्वान किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों जिलों की 10 सीटों पर हम जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंके।
चाहे लोकसभा चुनाव हो या फिर विधानसभा चुनाव। रायबरेली और अमेठी के चुनाव की कमान प्रियंका वाड्रा ही संभालती रही हैं। इस बार उन्हें पूरे यूपी की कमान सौंपी गई है।
लोकसभा चुुनाव में उनकी मां सोनिया गांधी ने भले ही इस बार जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार जीत का अंतर जरूर कम हुआ। यह टीस कांग्रेस हाईकमान को अब तक साल रही है।
यही वजह रही कि भुएमऊ गेस्ट हाउस में दो घंटे तक चली बैठक में रायबरेली और अमेठी के पदाधिकारियों से प्रियंका ने मुलाकात करके पार्टी की जमीनी हकीकत परखी तो उनका दर्द भी उनके सामने छलक पड़ा।
उन्होंने एक बार फिर दोनों जिलों को अपना घर बताया। दादी एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यों का जिक्र किया। साथ ही लोगों से कहा कि उनकी निष्ठा में कोई कमी नहीं है। बस इस बार उन्हें दोनों जिलों की जनता का समर्पण चाहिए।
प्रियंका का इशारा साफ है कि उन्हें जरूर पूरी यूपी की कमान दी गई है, लेकिन रायबरेली और अमेठी उनकी पारिवारिक विरासत रही है। चुनाव में पूरी दमखम के साथ इस विरासत को बचाना है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में दोनों जिलों में कांग्रेस कोई खास कमाल नहीं कर पाई थी। यह बात आज भी पार्टी हाईकमान को अखर रही है। नतीजतन इस बार प्रियंका ने अपने इरादे साफ जाहिर कर दिए हैं कि अपने को गढ़ को बचाने के लिए वह पूरी ताकत के साथ इस बार चुनाव मैदान में उतरने वाली हैं।
हमें 16 हफ्ते 24 घंटे का समय दीजिए
बैठक के दौैरान प्रियंका वाड्रा ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा कि आप सब हमेें 16 हफ्ते में 24 घंटे का समय दीजिए। फिर देखिए संगठन कितना मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी एक यात्रा निकालेगी और लोगों से सवाल करेगी कि आप कांग्रेस को वोट क्यों देना चाहते हैं। सदर विधानसभा प्रभारी नौशाद खतीब कहते हैं कि प्रियंका जी ने संगठन को ताकतवर बनाने के लिए हम सब से 16 हफ्ते में 24 घंटे का समय मांगा है।
पुराने पदाधिकारियों को मिलेगी तरजीह
बैठक के दौरान पुराने पदाधिकारियों को तरजीह न दिए जाने का मुद्दा भी उठा। इस पर प्रियंका ने सफाई दी कि पार्टी में पुराने पदाधिकारियों को भी उच्च स्थान दिया जाएगा। उनके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। पुराने पदाधिकारी युवा पदाधिकारियों को राजनीति के गुर सिखाएं और संगठन की बेहतरी के लिए काम करें।
गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगी प्रियंका
न्याय पंचायत अध्यक्ष कठगर रवींद्रनाथ शुक्ल और न्याय पंचायत अध्यक्ष खागीपुर सड़वा देशराज ने बताया कि प्रियंका जी ने बताया कि जल्द वह रायबरेली आकर गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगी। उनके दुख दर्द जानेंगी। विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी को मजबूत करेंगी। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान कई मुद्दे उठाए गए। प्रियंका जी ने सभी को बात को सुना और उसे गंभीरता से लेने का भरोसा दिया।