यही नहीं गुस्साए किसान स्टेशन पर ही धरने पर बैठ गए। कहा कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। आवाज उठाने पर उसे दबाने की कोशिश की जा रही है।
इसको लेकर दो घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दो थानों की फोर्स स्टेशन पर तैनात की गई तो जाकर किसान शांत हुए।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार चौधरी की अगुवाई में नेता और किसान मासिक पंचायत में शामिल होने के लिए गुरुवार को लखनऊ जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे।
इसी बीच सीओ सदर सुशील कुमार ने कोतवाली व भदोखर पुलिस के अलावा जीआरपी के साथ किसानों को लखनऊ जाने से रोक दिया। किसान ट्रेन पर चढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने जबरिया रोका।
इससे भाकियू नेता और किसान खफा हो गए। इस दौरान सीओ और भाकियू नेताओं के बीच तीखी तकरार हुई। सभी हाथ में लाठी लिए थे और नारेबाजी के साथ जमकर हंगामा किया।
लखनऊ जाने से रोके जाने से खफा किसानों ने स्टेशन पर ही धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष के अलावा विष्णु स्वरूप शुक्ला, शिवपाल सिंह, राम बहादुर आदि ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक लखनऊ से कोई निर्णय नहीं आता है तो तब तक धरना चलता रहेगा। दो घंटे बाद धरना खत्म कर दिया गया।
सीओ का कहना है कि शांति व्यवस्था के मद्देनजर किसानों को लखनऊ जाने से रोका गया। इस मौके पर बिंदेश्वरी, शिवरानी, रामपती, श्रीराम यादव, शिव दुलारी, सुशीला सिंह आदि मौजूद रहे।