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11 घंटे बाद बहाल हो सकी 50 गांवों की बिजली आपूर्ति

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रायबरेली। विद्युत उपकेंद्र, त्रिपुला में भूमिगत केबलों में आग लगने से गुल हुई 50 गांवों की बिजली 11 घंटे बाद पटरी पर लौटी। इसके बाद उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। देर रात एक बजे तक फाल्ट की मरम्मत का काम चला। उसके बाद अभियंताओं ने बिजली आपूर्ति शुरू करने में सफलता पाई।
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शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे विद्युत उपकेंद्र त्रिपुला से निकले नवोदय फीडर की लाइन में कहीं फॉल्ट आ गई। इस वजह से उपकेंद्र परिसर में पड़ी भूमिगत केबल धू-धू कर जलने लगा।
इसके बाद उपकेंद्र से निकले लोधवामऊ, छतैया, मुंशीगंज फीडर से जुड़े 50 गांवों की बिजली ठप हो गई। हालांकि पांच घंटे बाद नवोदय फीडर को महराजगंज विद्युत उपकेंद्र से जोड़कर चालू कर दिया गया था, लेकिन अन्य फीडर बंद थे। अभियंताओं व कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद देर रात एक बजे आपूर्ति शुरू करने में कामयाब रहे।
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इसके बाद सभी फीडर सामान्य रूप से चालू हुए। अवर अभियंता शंभूनाथ ने बताया कि केबल जलने की वजह से समस्या आई थी। रात करीब एक बजे सभी फीडरों को चालू करा दिया गया था।
आग लगी तो तय होगी जवाबदेही
किसानों की गेहूं की फसल पक कर तैयार है, लेकिन आए दिन शॉर्ट सर्किट होने फसल जलने की घटनाएं हो रही हैं। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता घनश्याम ने इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सभी उपखंड अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं पर अग्निकांड जैसी घटना होती है तो उपखंड अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। लापरवाही मिलने पर विभागीय कार्रवाई भी हो सकती है। ढीले तारों को कसवाने, जंफर को ठीक से बंधवाने, हवा चलने पर दोपहर में बिजली आपूर्ति बंद रखे जाने के निर्देश दिए हैं।
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