रायबरेली। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बाद अब राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ ने लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का मूड बना लिया है। प्रबंधन को भेजे गए ज्ञापन में अभियंताओं ने साफ कहा कि यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ तो चार अक्तूबर से आंदोलन शुरू करेंगे। इसके बावजूद बात नहीं बनी तो 26 अक्तूबर से कामकाज ठप कर दिया जाएगा।
अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव ने भेजे गए ज्ञापन में कहा कि सभी ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर यूपीएसईबी लिमिटेड का पुनर्गठन किया जाए। छह अक्तूबर 2020 को कैबिनेट उप समिति के साथ हुए समझौते के तहत वाराणसी व अन्य स्थानों पर आंदोलन के कारण दर्ज एफआईआर वापस ली जाए।
वर्ष 2000 के बाद नियुक्त सभी अभियंताओं के लिए पुरानी पेंशन प्रणाली लागू हो। निदेशक के पदों पर आयु सीमा 60 वर्ष की जाए। ग्रेटर नोएडा के निजीकरण व आगरा के फ्रेंचाइजीकरण रद्द किए जाए जाने समेत अन्य मांगों को पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि इस पर विचार नहीं हुआ तो चार और पांच अक्तूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 6, 7 व 8 अक्तूबर को शाम 4 बजे से 5 बजे तक एक घंटे का कार्य बहिष्कार होगा। 11 एवं 12 अक्तूबर को दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
18 से 23 अक्तूबर तक दो बजे से पांच बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 18 अक्तूूबर से ही सभी ऊर्जा निगमों के अभियंता नियमानुसार कार्य आंदोलन प्रारंभ कर देंगे। 26 अक्टूबर से सभी अभियंता अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करेंगे।