रायबरेली। पांच युवकों की डंडे व बेल्ट से की गई पिटाई के मामले की जांच गुरुवार को शुरू हो गई। सीओ सलोन इंद्रपाल सिंह ने सूची चौकी इंचार्ज मृत्युंजय बहादुर समेत अन्य पुलिस कर्मियों के बयान दर्ज किए और पूरे घटनाक्रम का सच जानने का प्रयास किया।
सलोन कोतवाल पंकज त्रिपाठी भी से भी पूछताछ की गई। जिस तरह पांच युवकों की पिटाई करके उनकी चमड़ी उधेड़ी गई, इस घटना से पुलिस मित्र का चेहरा भी बेनकाब हो गया।
लोगों में पुुलिस के खिलाफ गहरी नाराजगी है। पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार भी मामले पर नजर रख रहे हैं। उनका दावा है कि रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि सलोन कोतवाली क्षेत्र के सिरसिरा से तिलक चढ़ाने गए विपिन तिवारी, विनय, राहुल, शिवाकांत, लवकुश की मंगलवार रात सूची चौकी इंचार्ज समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने बेरहमी के साथ पिटाई की थी।
पीड़ितों का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया था। एसपी ने प्रकरण की जांच सीओ सलोन को सौंपी है। एसपी के निर्देश पर सीओ सलोन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सीओ का कहना है कि पुलिस कर्मियों और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जल्द जांच रिपोर्ट एसपी को सौंप दी जाएगी।
..तो क्या चहेतों के दर्ज करा दिए बयान
मामला तूल पकड़ने के बाद अब चौकी इंचार्ज और उनके मातहत एसपी की कार्रवाई से बचने का प्रयास कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चौकी इंचार्ज ने सीओ के सामने अपने चहेतों का बयान दर्ज करा दिया।
कहा जा रहा है कि जिन लोगों का बयान दर्ज कराया गया है, उसमें एक लकड़ी ठेकेदार तक शामिल है। सवाल उठ रहे हैं कि यह घटना रात 11.30 बजे की है। इस समय जिन लोगों के बयान दर्ज करा दिए गए, वह रात में क्या कर रहे थे।
शुरुआती दौर से ही इस मामले में सलोन पुलिस उच्च अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। यदि पुलिस मामले में अफसरों को गुमराह न करती तो यह मामला इतना तूल नहीं पकड़ता।
हत्याकांड के मामले में निलंबित हो चुका है चौकी प्रभारी
दरोगा मृत्युंजय बहादुर का विवादों से पुराना नाता रहा है। पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने से ज्यादा वह लोगों पर धौंस जमाने की कोशिश करते मिल जाएगा।
मिल एरिया थाने में तैनाती के दौरान पिछले साल शहर में हुए एक चर्चित हत्याकांड में तत्कालीन एसपी स्वप्निल ममगाई ने सूची चौकी प्रभारी को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया था। जुगाड़ लगाकर वह बाद में बहाल हो गया और सूची जैसी चौकी की कमान पाने में सफल रहा।
खाकी की मदद से लाखों का चोरी हो गया स्क्रैप
सलोन और सूची चौकी पुलिस हमेशा अपने कारनामों से चर्चित रही। पुलिस की मिलीभगत से बगहा गांव में बंद पड़ी वेस्पा कंपनी से लाखों रुपये का स्क्रैप (लोहा) चोरी हो गया।
यह बंद पड़ी फैक्टरी अब भी चोरों के निशाने पर है। इस मामले में एक सिपाही को भी सस्पेंड किया जा चुका है। चौकी इंचार्ज की भी मिलीभगत की बात सामने आई थी, लेकिन एक जनप्रतिनिधि का खास होने की वजह से उस पर कार्रवाई नहीं की गई। नतीजतन इसी ढिलाई से सलोन पुलिस के हौसले बढ़ गए।
पांच युवकों की पिटाई के मामले की जांच सीओ सलोन से कराई जा रही है। आज शाम या फिर कल तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। सूची चौकी इंचार्ज हों या फिर कोतवाल, सीओ की रिपोर्ट में जिसकी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई होगी। आम जनता के साथ अच्छा तालमेल और अच्छा व्यवहार करना चाहिए। पुलिस की ज्यादती नहीं चलने दी जाएगी।
श्लोक कुमार, एसपी