रायबरेली। जिलेभर में बिजली संकट गहराने लगा है। शहर में जहां बिजली की आवाजाही से लोग परेशान हैं, वहीं ग्रामीण अंचलों का शेड्यूल पूरी तरह बेपटरी हो गया है। न बिजली आने का समय न जाने कहा। 18 घंटे के शेड्यूल में महज 10 से 12 घंटे बिजली मिल रही है। यही वजह से लोगों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है। शनिवार को शिवगढ़ क्षेत्र में बिजली कटौती के विरोध में ग्रामीणों न विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया। काफी देर तक हंगामा हुआ। साथ ही साथ कर्मचारियों से नोकझोंक हुई। पुलिस ने किसी तरह मामला शांत कराया। इसी तरह शहर क्षेत्र में इंदिरा विद्युत उपकेंद्र की 33 केवी लाइन में फाल्ट के चलते पूरी रात बिजली आपूर्ति बंद रही। अधीक्षण अभियंता व अधिशासी अभियंता कर्मचारियों के साथ फाल्ट खोजने के लिए खाक छानते रहे, लेकिन सप्लाई बहाल नहीं करा पाए। इससे आरडीए, आचार्य द्विवेदी नगर, विकास नगर, छोटा घोसियाना, बरगद चौराहा, निराला नगर, सत्यनगर समेत कई मोहल्लों की बिजली आपूर्ति रही। शनिवार की सुबह आठ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
कर्मचारियों से कहासुनी, पुलिस ने कराया शांत
शिवगढ़ (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र में बदहाल बिजली आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। ओसाह ग्राम प्रधान मनोज कुमार त्रिवेदी के प्रतिनिधि विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी की अगुवाई में ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया। उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारियों से कहासुनी हुई। देखते ही देखते थानाध्यक्ष शिवगढ़ पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार महाराजगंज को ज्ञापन सौंपा। राकेश त्रिवेदी ने कहा कि पिछले कई दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही है। कहा कि शाम से ही बिजली काट दी जाती है। फिर 11 बजे आती है। एक घंटे के लिए आने के बाद फिर बिजली चली जाती है। लोगों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। तहसीलदार अनिल पाठक ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इस मौके पर संजय मोहन त्रिवेदी, अकबर, अजीत सिंह, राकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
बिजली कटौती से लोगों की नींद हराम, रतजगा को मजबूर लोग
खीरों-गदागंज। ग्रामीण आंचलों में बेतहासा बिजली कटौती होने से लोगों की नींद हराम है। लोगों का कहना है कि केरोसिन मिल रहा था, जिससे घर में दिया जलाकर घर के काम हो जाते थे। अब तो बिजली भी धोखा देने लगी है। शाम होती बिजली गुल हो जाती है। ऐसे में लोगों को अंधेरे में रहना पड़ रहा है। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के गोडा निवासी अमित कुमार मिश्रा, जलालपुर धई निवासी श्रीकृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 18 घंटे बिजली देने का फरमान किया है, जो कोरा साबित हो रहा है। खीरों के अतीक, अफसर खां का कहना है कि शाम होते ही बिजली चली जाती है। इससे बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते। रमेश कुमार, मनीष कुमार का कहना है कि बिजली नहीं आने से बच्चों और बुजुर्गों को गर्मी से जूझना पड़ रहा है। बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है।
लोकल स्तर से नहीं होती कटौती
इस समय ऊपर से अघोषित कटौती हो रही है, लोकल स्तर से कोई बिजली नहीं काटी जाती है। फाल्ट आने पर अभियंताओं को दूर करने के निर्देश दिए गए है। -वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन