रायबरेली। मुंशीगंज-डलमऊ राजमार्ग पर मुंशीगंज कस्बे में प्रस्तावित फ्लाई ओवर से व्यापारियों में खासी नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि कस्बे में फ्लाई ओवर का निर्माण का निर्माण कराया गया तो आधा मुंशीगंज कस्बा समाप्त हो जाएगा। लोगों की दुकानें और मकान धराशायी होंगे। कस्बे के बाहर से शहीद स्मारक जाने वाले से बाईपास तक फ्लाई ओवर का निर्माण कराया जाए। ये बातें व्यापारियों ने जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कही।
व्यापारी नेता पंकज मुरारका, वीरेंद्र कुमार अग्रहरी, राजनारायण अग्रहरी, कृपाशंकर, भागीरथ अग्रहरी, ओमप्रकाश साहू, मनोज गुप्ता, माधव प्रसाद अग्रहरी, संजय गुप्ता, राजकुमार, रिंकू यादव, राजेश गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, अमरीश अग्रहरि, सुमित गुप्ता कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि एम्स के आगे से मुंशीगंज कस्बा के बीच से होते हुए लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के बाइपास तक फ्लाईओवर प्रस्तावित है। इसका सर्वे हो चुका है। व्यापारियों ने कहा कि यदि इधर से फ्लाईओवर बना तो व्यापारियों का जहां कारोबार प्रभावित होगा, वहीं बड़ी संख्या में लोग बेघर होंगे। इस समस्या से बचने के लिए एम्स के आगे से शहीद स्मारक जाने वाले मार्ग पर रेलवे क्रासिंग से फ्लाईओवर बनाकर बाईपास पर जोड़ दिया जाए। व्यापारियों को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। इस मार्ग पर कुछ जमीन किसानों की है तो कुछ सरकारी है। इस वजह से कम खर्चे में फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण आसानी से हो जाएगा।
एमएलसी से मिले व्यापारी, सौंपा ज्ञापन
रायबरेली। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय उपाध्यक्ष बसंत सिंह बग्गा व्यापारियों के साथ एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह से मिले। एमएलसी से डलमऊ में बाईपास के निर्माण को लेकर चर्चा की।
व्यापारियों ने कहा कि मुराईबाग में मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। यदि राजमार्ग का चौड़ीकरण होना प्रस्तावित है, तो बड़ी संख्या में व्यापारियों की क्षति होगी। उनके प्रतिष्ठान और मकान चौड़ीकरण के दायरे में आएंगे। इस समस्या से बचने के लिए बाईपास का निर्माण होना बहुत जरूरी है। व्यापारियों ने एमएलसी से मामले में हस्तक्षेप करके समस्या से निजात दिलाने की मांग की। एमएलसी ने व्यापारियों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। इस मौके पर रामगोपाल वैश्य, रानू शर्मा, संदीप मिश्रा, अरविंद अग्रवाल, पुरुषोत्तमशुक्ला, सीताराम कौशल, दिनेश मौर्या आदि मौजूद रहे। संवाद