रायबरेली। विद्यालयों में साढ़े आठ घंटे काम को लेकर शिक्षकों में आक्रोश है। इसके खिलाफ शिक्षकों ने आवाज उठाई। इस मुद्दे के साथ ही पुरानी पेंशन बहाली समेत कई अन्य समस्याओं को लेकर सोमवार को माध्यमिक शिक्षक संघ ने डीआईओएस कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित दस सूत्री ज्ञापन डीआईओएस को सौंपा।
मंडल अध्यक्ष राममोहन सिंह एवं राज्य परिषद सदस्य शत्रुघ्न सिंह परिहार ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया है। विद्यालय का समय सुबह आठ से शाम 4.30 बजे तक किया गया है जिससे शिक्षकों को साढ़े आठ घंटे विद्यालय में रहकर अतिरिक्त कार्य करना पड़ रहा है, इसे वापस लिया जाए।
उन्होंने कहा कि नवीन पेंशन योजना अलाभकारी है। इसे समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया जाए। कोविड-19 वैश्विक महामारी से वित्तविहीन विद्यालयों का शिक्षक भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। उनकी आजीविका पर घोर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इन शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाकर कम से कम 15 हजार रुपये मासिक वेतन भुगतान कोषागार से किया जाए।
जिलाध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला एवं जिला उपाध्यक्ष सुनील दत्त ने कहा कि कोषागार से वेतन प्राप्त कर रहे अद्यतन तदर्थ शिक्षकों को विनियमित किया जाए। शिक्षकों की ऑनलाइन स्थानांतरण की प्रक्रिया को सरलीकृत किया जाए।
माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को शासकीय विद्यालयों की भांति चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान की जाएं। चयन वेतनमान के बाद देय एरियर का भुगतान अतिशीघ्र किया जाए। धरने में उमाशंकर त्रिवेदी, विजय प्रताप सिंह, राम कैलाश यादव, धर्मराज यादव, सोमेश सिंह, सरोज व अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।