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जिला अस्पताल में घमासान, ओपीडी में लटके ताले, पिसे मरीज

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चिकित्सकों के कक्ष में लगा ताला और चिकित्सकों का इंतजार करते रोगी। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। विवादित कार्यशैली के कारण छह माह में ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से पद से हटाईं गईं डॉ. नीता साहू ने शनिवार को खूब मनमानी का प्रयास किया।
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जिला अस्पताल के कई डॉक्टरों को जबरन रिलीव करने का प्रयास किया। इससे नाराज कई चिकित्सकाें ने सुबह से ही ओपीडी को ठप कर दिया। ओपीडी कक्षों में ताला लटकने के कारण इलाज के लिए आए मरीज भटकते रहे।
वार्डों में भर्ती मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामला शासन स्तर तक पहुंचने के बाद अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेयी शनिवार देर शाम पहुंचे। इसके बाद नए सीएमएस को आननफानन में चार्ज दिलाया गया।
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जिला अस्पताल में भर्ती दो मरीजों की मौत के मामले में लापरवाही बरतने, 4.88 करोड़ से खरीद के लिए मनमाने तरीके से टेंडर प्रक्रिया करने के साथ ही आचार संहिता के उल्लंघन में दोषी मिलीं नीता साहू को शासन ने जिला अस्पताल के सीएमएस के पद से शुक्रवार को हटा दिया था।
उन्हें जिला महिला अस्पताल प्रयागराज में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर भेजा गया है। जिला अस्पताल के कई चिकित्सकों का भी तबादला कर दिया गया।
सीएमएस को स्वयं रिलीव होकर सूचना देने के आदेश दिए गए थे, लेकिन आदेश के बाद शनिवार को भी नीता रिलीव नहीं हुईं और अस्पताल पहुंचकर अन्य डॉक्टरों को रिलीव करने का प्रयास किया।
सीएमएस की मनमानी से नाराज डॉ. बीरबल, डॉ. जेके लाल ने ओपीडी ही नहीं की। डॉ. अल्ताफ हुसैन ने भी काम ठप रखा। अन्य कई डॉक्टरों ने भी सामान्य तरीके से ओपीडी शुरू नहीं की। इससे दिनभर मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ा।
हटाईं गईं सीएमएस डॉ. नीता साहू की मनमानी का मामला जिले के अधिकारियों के साथ ही शासन स्तर पर पहुंच गया। मामले में शाम को अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेयी ने जिला अस्पताल पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया।
उन्होंने नए सीएमएस डॉ. महेंद्र मौर्या को ज्वॉइन भी कराया। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह भी सीएमएस को ज्वॉइन कराने के लिए पहुंचे।
पुराने बिलों के भुगतान का भी किया प्रयास
पद से हटाए जाने के बाद सीएमएस ने पुराने बिलों को निपटाने का भी प्रयास किया, लेकिन जिला अस्पताल के स्टाफ में नाराजगी होने के कारण उनकी मंशा पूरी नहीं हो सकी। जिला अस्पताल के संबंधित बाबू का तबादला भी गैर जनपद के लिए हो गया, जिसके कारण बाबू पत्रावलियां पूर्व सीएमएस को देने के लिए राजी नहीं हुआ। हालांकि जिला अस्पताल में दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। डॉक्टरों और स्टाफ में पूर्व सीएमएस को लेकर नाराजगी देखने को मिली।
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पूर्व सीएमएस की लापरवाही के कारण शनिवार को स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। स्वयं रिलीव न होकर अन्य डॉक्टरों को रिलीव करने का प्रयास किया। शासन के निर्देश पर पूर्व सीएमएस डॉ. नीता साहू को रिलीव करा दिया गया है।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
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