ऊंचाहार (रायबरेली)। एनटीपीसी तापीय विद्युत विद्युत परियोजनाओं के साथ ही सौर ऊर्जा, हाइड्रो व विंड एनर्जी के क्षेत्र में लगातार विकास कर रही है। कंपनी इस क्षेत्र में सन 2032 तक 60 गीगावाट तक बिजली उत्पादन के अपने लक्ष्य पर काम कर रही है। ये बातें गुरुवार को एनटीपीसी परियोजना के समूह महाप्रबंधक कमलेश सोनी ने कही।
एनटीपीसी ऊंचाहार में मीडिया से बातचीत में जीजीएम ने बताया कि परियोजना की छह यूनिटों व सौर ऊर्जा समेत 1560 मेगावाट बिजली का उत्पादन क्षमता है। बिजली उत्तर प्रदेश सहित आठ राज्यों को भेजी जा रही है।
एनटीपीसी ऊर्जा उत्पादन के साथ ही पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता व सुरक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका अदा कर रही है। कोरोनाकाल में भी परियोजना ने नैगम सामाजिक दायित्व योजना के तहत ऑक्सीजन प्लांट, मास्क, सैनिटाइजर आदि का वितरण कराया है।
इसके लिए परियोजना को कोविड मैनेजमेंट इन पब्लिक इंटरप्राइजेज, ग्रीनटेक अवार्ड फार एक्सीलेंस, ग्रोकेयर सेफ्टी गोल्ड अवार्ड व क्राइसिस कम्युनिकेशन अवार्ड सहित कई पुरस्कार मिले हैं। उन्होंने एनटीपीसी की उपलब्धियों, गतिविधियों व सामाजिक कार्यों को लोगों तक पहुंचाने के लिए आभार प्रकट किया। इस अवसर पर महाप्रबंधक प्रचालन एवं अनुरक्षण अरिंदम बनर्जी, मानव संसाधन विभागाध्यक्ष वंदना चतुर्वेदी, उप महाप्रबंधक मानव संसाधन अजय सिंह, आज्ञाशरण सिंह व पीआरओ कोमल शर्मा मौजूद रहीं।