फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रों ने नहीं, बाहरी तत्वों ने किया बवाल : प्रबंधक

विज्ञापन
विज्ञापन
रायबरेली। बीएसएस पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं के फेल होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। यही वजह रही कि विद्यालय प्रबंधन को आगे आना पड़ा। शुक्रवार को हुए बवाल के बाद प्रबंधक बीएल सिंह ने अपनी सफाई दी।
विज्ञापन

साथ ही पूरे प्रकरण से अवगत कराते हुए डीएम को पत्र भेजा। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि विद्यालय में हंगामा करने वाले उनके स्कूल के बच्चे नहीं बल्कि बाहरी तत्व थे। इन लोगों ने विद्यालय में तोड़फोड़ और शिक्षिकाओं के साथ अभद्रता की।
विद्यालय परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रबंधक ने कहा कि फेल छात्र-छात्राओं के पक्ष को संगठित कर अराजकतत्व मेन गेट को तोड़ते हुए अंदर घुसे। कार्यालय का कक्ष तोड़ दिया। महिला शिक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की गई। अराजक भीड़ ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि हंगामा करने वालों की संख्या डेढ़-दो सौ रही होगी जिनमें स्कूल का एक भी बच्चा नहीं था। सब बाहरी तत्व थे। हंगामे के दौरान अराजक तत्वों ने 10वीं में 123 बच्चों को फेल किए जाने के नारे भी लगाए जबकि हकीकत में विद्यालय के सभी 198 बच्चे पास हुए हैं। कक्षा 12 के 140 बच्चों में से महज 11 बच्चे फेल हुए हैं जबकि 23 बच्चों को कंपार्टमेंट परीक्षा देनी थी।
ट्यूशन न पढ़ने पर छात्रों को फेल किए जाने के आरोपों पर अपनी सफाई देते हुए प्रबंधक ने कहा कि स्कूल के कुछ शिक्षकों द्वारा ट्यूशन पढ़ाने की जानकारी हुई थी। इसी वजह से तीन-चार शिक्षकों को निकाल दिया गया था। रिजल्ट आने के बाद से लगातार शिकायतों और अब स्कूल परिसर में हुए बवाल से विद्यालय के स्टाफ में भय व्याप्त हो गया है।
प्रबंधक ने बताया कि स्कूल में हुए बवाल के वीडियो एवं फोटो के साथ जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया है। हंगामे के दौरान जिन शिक्षिकाओं के साथ हाथापाई और अभद्रता हुई, उनके हस्ताक्षर भी हैं। उन्होंने विद्यालय के साथ ही स्टाफ की सुरक्षा की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें