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Raebareli News: कागजों पर दर्ज नहीं, पालिकाध्यक्ष के नाम बन गया मोहल्ला

Mon, 21 Apr 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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पुलिस लाइन से मामा चौराहा जाने वाली बदहाल सड़क। - फोटो : संवाद
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रायबरेली। नगर पालिका परिषद रायबरेली में अजब का खेल चल रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पालिकाध्यक्ष के नाम से न सिर्फ नया मोहल्ला अस्तित्व में लाया गया, बल्कि 45 लाख के कार्यों के टेंडर जारी कर दिए गए। मामला संज्ञान में आने के बाद टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है। पालिका के निर्माण विभाग के अफसरों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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शहर में नाली, खड़ंजा समेत अन्य विकास कार्यों को कराने के लिए 15वें वित्त आयोग से करीब पांच करोड़ रुपये की धनराशि शासन से मिली थी। पालिका के निर्माण विभाग की तरफ से शहर के 20 नंबर वार्ड में पालिकाध्यक्ष के नाम से शत्रुघ्न नगर मोहल्ला सृजित कर दिया। इस मोहल्ले के नाम लाखों के कार्यों का प्रस्ताव तैयार करके टेंडर जारी कर दिए गए। जबकि पालिका के रिकार्ड में कोई शत्रुघ्न नगर मोहल्ला नहीं है।

सभासद सतीश मिश्रा, जय प्रकाश वर्मा, संजय श्रीवास्तव ने डीएम और प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग से इस मामले की शिकायत की। आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष के इशारे पर ऐसा किया गया है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी (ईओ) ने टेंडर निरस्त कर दिया। निर्माण विभाग के लिपिक, एई, जेई से स्पष्टीकरण तलब किया है।
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इन कार्यों के जारी हुए थे टेंडर
वार्ड संख्या 20 के मोहल्ला शत्रुघ्न नगर में रमेश यादव के मकान से अवध पाल के मकान होते हुए नागेंद्र सिंह के मकान तक खड़ंजा व रिटर्निंगवाॅल का निर्माण। महेंद्र सिंह के मकान से सुनील यादव के मकान के मकान तक खड़ंजा व नाली एवं रिटर्निंगवाॅल का निर्माण कार्य। सुरेश पाल के मकान से दिलीप यादव के मकान होते हुए विनोद कुमार शुक्ला पान वाले के मकान तक नाली व रिटर्निंगवाॅल का निर्माण कार्य। दिलीप अवस्थी के सामने से विजय तिवारी के मकान तक खड़ंजा व रिटर्निंगवाॅल का निर्माण, इकबाल होटल के पीछे 90 मीटर न्यू सीवर पाइप लाइन डालने का कार्य। इसी तरह अन्य कार्य भी प्रस्तावित हुए थे।


प्रापर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाने की कोशिश
फर्जी मोहल्ले के नाम पर लाखों के कार्यों के टेंडर जारी करने के पीछे प्रापर्टी डीलरों को फायदा पहुंचाना था। पर सभासदों की शिकायत पर यह खेल खुल गया। सभासदों का आरोप है कि जहां पर प्रापर्टी डीलरों ने जमीन खरीद रखी हैं, उस क्षेत्र का विकास कराया जाता है। इससे जमीनों की कीमत बढ़ जाती है। इसके एवज में प्रापर्टी डीलरों से धन की वसूली होती है। सभासदों ने उच्चाधिकारियों से जांच कराकर ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मुद्दे को सभासदों ने बोर्ड की बैठक में भी पालिकाध्यक्ष के सामने उठाया था। हालांकि इस पर पालिकाध्यक्ष ने चुप्पी साध रखी है।


शत्रुघ्न नगर मोहल्ले के नाम पर जारी हुए कार्यों के सभी टेंडर निरस्त कर दिए गए हैं। निर्माण विभाग से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है कि यह सब कैसे हो गया। जल्द नए टेंडर जारी करके विकास कार्यों को कराया जाएगा।
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- स्वर्ण सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद रायबरेली
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