रायबरेली। मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण के सातवें दिन बृहस्पतिवार को भी 42 लोग गैरहाजिर रहे। इसमें छह स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी प्रशिक्षण लेने नहीं पहुंचे। गैरहाजिर सभी कर्मचारियों को 18 फरवरी को अंतिम दिन के प्रशिक्षण में शामिल होने का आदेश दिया गया है। प्रशिक्षण में शामिल न होने पर मुकदमा दर्ज कराए जाने की चेतावनी दी गई है।
जिले में संवेदनशील मतदान केंद्रों पर नजर रखने के लिए नियुक्त 60 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण में बुलाया गया। इसमें छह स्टेटिक मजिस्ट्रेट प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए।
डीडीओ एसएन चौरसिया ने प्रशिक्षण में स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को कामों की जानकारी दी। मतदान के दिन सुबह से शाम तक केंद्रों पर मौजूद रहने के निर्देश दिए।
मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही पल-पल की खबर उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए। उन्होंने गैरहाजिर छह स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को शुक्रवार को प्रशिक्षण में शामिल होने के आदेश दिए।
उधर, मतदान कर्मियों के प्रशिक्षण के सातवें दिन कर्मचारियों को मतदान कराने के टिप्स दिए गए। प्रशिक्षण में जिला समाज कल्याण अधिकारी वैभव त्रिपाठी ने कहा कि मतदान कर्मी प्रशिक्षण गंभीरता से लें। कोई बात समझ में नहीं आती है तो मास्टर ट्रेनर से पूछ सकते हैं।
ईवीएम के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें। सभी मतदान अधिकारी अपने अपने कार्यों को ईमानदारी से निभाएंगे। पीठासीन अधिकारी को यदि कोई समस्या मतदान केंद्रों पर होती है तो इसकी सूचना जोनल या सेक्टर मजिस्ट्रेट को दे सकते हैं।
सीडीओ प्रभाष कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण में आठ पीठासीन अधिकारी, 10 प्रथम मतदान अधिकारी, 14 द्वितीय मतदान अधिकारी और छह तृतीय मतदान अधिकारी प्रशिक्षण लेने नहीं आए। इसके अलावा छह स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी प्रशिक्षण में नहीं पहुंचे। सभी को 18 फरवरी के प्रशिक्षण में शामिल होने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।