जिले में गुरुवार से नई राजस्व संहिता लागू हो जाएगी। इसमें चकबंदी व सीलिंग छोड़कर 39 अधिनियम समाप्त हो जाएंगे। इससे विभिन्न कोर्ट में चल रहे 10 हजार वादों के निस्तारण में अब तेजी आ सकेगी।
वादों के निस्तारण में तेजी आने से इसका लाभ लोगों को मिल सकेगा। तहसीलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षण दे दिया गया है।
सपा सरकार ने 11 फरवरी से नई राजस्व संहिता को लागू करने का निर्णय लिया है। राजस्व संहिता लागू होने के बाद चकबंदी और सीलिंग को छोड़कर 39 अधिनियम समाप्त हो जाएंगे।
राजस्व संहिता 2006 को संशोधित करते हुए इसमें कुल 234 धाराएं समाहित की गई हैं। नई संहिता में वादों के निस्तारण के लिए एडीएम से लेकर तहसीलदार न्यायिक तक के पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है।
इसके लागू होने के बाद जिले के विभिन्न कोर्ट में लंबित 10 हजार वादों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है। विभागीय अफसरों के मुताबिक राजस्व वादों के निस्तारण के लिए अलग न्यायिक प्रावधान किए गए हैं।
जिसमें तहसीलदार न्यायिक, एसडीएम न्यायिक, एडीएम न्यायिक और न्यायिक सदस्य राजस्व बोर्ड को न्यायिक कार्य की जिम्मेदारी दी जाएगी।
नई संहिता को 11 फरवरी से पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए सभी तहसीलों में अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने का काम पूरा कर लिया गया है।
जिला स्तर से लेकर तहसील स्तर तक के विभिन्न राजस्व न्यायालय पर 10 हजार वाद लंबित हैं। इन वादों के निस्तारण में अब तेजी आ सकेगी, जिसका लाभ लोगों को मिलेगा।
एडीएम वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद ने बताया कि जिले में गुरुवार से नई राजस्व संहिता लागू कर दी जाएगी। इससे जिले की विभिन्न कोर्ट में लंबित चल रहे केसों के निस्तारण में तेजी आएगी।
वादों के निस्तारण में तेजी आने से इसका लाभ लोगों को मिलेगा। अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे दिया गया है।