रायबरेली। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को रिकॉर्ड मतों से विधान परिषद सदस्य पद पर तीसरी बार कब्जा करकेे हैट्रिक लगा दी। उन्हें 94.38 प्रतिशत मत मिला।
दिनेश ने 2304 मत पाकर सपा के वीरेंद्र शंकर सिंह को करारी शिकस्त दी। सपा उम्मीदवार को महज 129 मत ही मिले। सपा उम्मीदवार सहित सभी तीन अन्य प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
डीएम वैभव श्रीवास्तव ने प्रत्याशी के छोटे भाई व पूर्व विधायक राकेश सिंह को जीत का प्रमाणपत्र दिया। ऐतिहासिक जीत मिलने के बाद भाजपाइयों में खुशी की लहर दौड़ गई।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, गोराबाजार में मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा में नौ टेबलों पर एमएलसी पद के लिए मतगणना शुरू हुई। एमएलसी पद के लिए 2480 वोटरों में 2464 वोटरों ने मताधिकार किया था।
भाजपा प्रत्याशी व मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने शुरू से ही बढ़त बना ली। मतगणना में 23 मत अवैध पाए गए। वैध पाए गए 2441 मतों में 2304 मत पाकर दिनेश ने जीत दर्ज कराई। उन्हें 94.38 प्रतिशत मत मिला, जबकि सपा प्रत्याशी वीरेंद्र शंकर सिंह को महज 129 मत मिले।
निर्दल मनीष कौशल और बीरेंद्र सिंह को चार-चार मतों से संतोष करना पड़ा। दिनेश को तीसरी बार एमएलसी घोषित किया गया। रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कराकर उन्होंने सभी को चौका दिया। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने एमएलसी के भाई राकेश सिंह को जीत का प्रमाणपत्र दिया। इस दौरान एसपी श्लोक कुुमार भी मौजूद रहे।
जिले की राजनीति में और मजबूत हुआ पंचवटी परिवार
दिनेश प्रताप सिंह ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर एक बार फिर जिले की राजनीति में पंचवटी परिवार को और मजबूत कर दिया।
पिछले विधानसभा चुनाव में हरचंदपुर सीट से भाई व पूर्व विधायक राकेश सिंह की हार के बाद विरोधियों के हौसले भले ही बढ़े, लेकिन चुनाव से ठीक पहले मंत्रिमंडल में शामिल होने और अब रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कराकर दिनेश ने जिले में अपनी धमक को कायम रखा है। दिनेश अब तक के जिले के पहले एमएलसी उम्मीदवार हैं, जिन्हें 94.38 प्रतिशत मत मिले हैं।