रायबरेली। सदर तहसील में निजी कर्मी के रूप में काम करने वाले युवक ने दलित को पट्टे में मिली भूमि को अपने नाम करा लिया। फर्जी दस्तावेज तैयार किए और भूमि का दाखिल खारिज भी करा लिया। पीडि़त की शिकायत पर इसका खुलासा हुआ तो राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) ने रविवार देर शाम मिल एरिया थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी।
मिल एरिया थाना क्षेत्र के सलीमपुर सीकी गांव निवासी राजाराम ने बीते आठ नवंबर को समाधान दिवस में शिकायत की। कहा, वह दलित हैं। मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। पट्टे में उन्हें भूमि मिली थी। गांव का रहने वाला युवक तहसील में प्राइवेट कर्मी के रूप में नौकरी करता है। फर्जी दस्तावेज के जरिये युवक ने उसकी भूमि को अपने नाम करा लिया।
खतौनी में जब उनका नाम नहीं दिखा तो उन्हें अपने इसकी जानकारी हुई। घर जाकर विरोध जताया तो जानमाल की धमकी दी। खास बात ये है कि अफसरों व राजस्व निरीक्षक के बिना किसी के नाम भूमि दर्ज होना संभव नहीं है। जाहिर है कि इसमें तहसील के कई कर्मियों की भूमिका है। मिल एरिया थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि कानूनगो इंद्र बहादुर सोनकर की तरफ से आरोपी धर्मेंद्र यादव के खिलाफ तहरीर दी गई है। एफआईआर दर्ज की जा रही है।
कानूनगो को पता नहीं कैसे हो गए डिजिटल साइन
मामले का खुलासा होने पर कानूनगो इंद्र बहादुर अब अपना पक्ष रख रहे हैं। उनका कहना है कि तहसील से जारी की गई खतौनी में उनके डिजिटल साइन तो हैं, लेकिन यह कैसे हो गए हैं, उन्हें पता नहीं है। आरोपी एक लेखपाल के साथ प्राइवेट कर्मी के रूप में काम करता था। उसने यह सब कैसे किया, इसकी कोई जानकारी नहीं है। घटना की तहरीर थाने में दी है।
बाहरी लोग फाइलों से करते हैं छेड़छाड़
सदर तहसील में तैनात अफसरों व कर्मचारियों की लापरवाही का आलम ये है कि बाहरी लोग फाइलों से न सिर्फ छेड़छाड़ करते हैं, बल्कि उनका रखरखाव कर रहे हैं। ज्यादातर लेखपाल प्राइवेट कर्मी रखे हुए हैं। यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी प्राइवेट कर्मियोंं पर दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ के आरोप लग चुके हैं। बावजूद इस पर सख्ती से कार्रवाई नहीं की गई।