रायबरेली। जांच में पकड़े गए 52 हजार फर्जी प्रमाणपत्रों को अभी तक निरस्त नहीं किया गया है। इसके लिए उच्चस्तर से आदेश का इंतजार किया जा रहा है। निरस्त नहीं होने से इनके दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है। जिला स्तर पर जरूरी प्रक्रिया को पूरा कर फाइल शासन को भेजी जा चुकी है।
सलोन ब्लॉक के 11 गांवों में कुल 52,594 जन्म प्रमाणपत्र फर्जी मिले थे। पूरा खेल जेल मेें बंद आरोपी ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) विजय सिंह यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर मो. जीशान ने किया था। पड़ताल में पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल के साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल व पंजाब तक के लोगों के प्रमाणपत्र बनाए गए थे। वहीं बांग्लादेशी युवक को सलोन में बने जन्म प्रमाणपत्र के साथ पकड़ा भी गया था।
फर्जीवाड़ा का खुलासा 18 जुलाई 2024 को हुआ था। उस दौरान यूपी आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने कोटरा बहादुरपुर निवासी आरोपी वीडीओ विजय सिंह यादव, सलोन निवासी मुख्य आरोपी मो. जीशान, रियाज और सुहेल खान को गिरफ्तार करनेे के साथ 18 और आरोपियों को पूर्वांचल केे जिलों से गिरफ्तार किया था।
यूपी एटीएस ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड रविकेश को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। रविकेश मूल रूप से दरभंगा (बिहार) का रहने वाला है। रविकेश ने कई राज्यों में रहकर 4 लाख से भी ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पांच हजार फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए थे। इसका कनेक्शन जीशान से था।
इसी के चलते जीशान ने वीडीओ विजय यादव की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर अपने नेटवर्क की सहायता से पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल के साथ बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, तमिलनाडु, केरल, पंजाब के फर्जी प्रमाणपत्र बनाए थे। प्रशासनिक स्तर पर लंबी जांच की गई और इन 52 हजार फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त करने की रिपोर्ट तैयार की गई थी। फर्जी प्रमाणपत्र महानिदेशक के आदेश के बाद निरस्त होंगे। हालांकि अभी तक प्रमाणपत्र निरस्त नहीं हुए हैं जिस कारण इनके दुरुपयोग की आशंका बनी हुई है।
कितने प्रमाणपत्र होंगे निरस्त
ग्राम पंचायत फर्जी जन्म प्रमाणपत्र
पाल्हीपुर 13707
नुरुद्दीनपुर 10151
पृथ्वीपुर 9393
सांडा सैदन 4897
माधौपुर निनैया 3746
लहुरेपुर 3780
सिरसिरा 2773
गढ़ी इस्लामनगर 2255
औनानीश 1665
गोपालपुर उर्फ अनंतपुर 225
दुबहन 02
कुल 52594
फर्जी प्रमाणपत्रों को निरस्त कराने के लिए प्रशासनिक स्तर से पूरी रिपोर्ट और फाइल महानिदेशक को भेज दी गई है। अब महानिदेशक के आदेश आने पर प्रमाणपत्र निरस्त होंगे।
सौम्यशील सिंह, डीपीआरओ
-