ऊंचाहार (रायबरेली)। मारपीट के एक मामले में आरोपी के घर कुर्की करने पहुंची कानपुर पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। दरअसल, ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के सवैया राजे गांव निवासी मदन गोपाल का परिवार कानपुर में रहता है। कई वर्षों से वह गांव नहीं आया।
बताते हैं कि मदन गोपाल के खिलाफ सन 1991 में कानपुर के कर्नलगंज थाने में मारपीट, गालीगलौज व जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
मामले में कोर्ट की नोटिस के बावजूद वह अदालत हाजिर नहीं हुुआ। इस पर कानपुर नगर के कोर्ट एमएम छह ने उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की है। कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार शाम कानपुर से एसआई सुभाषचंद्र ऊंचाहार कोतवाली पहुंचे और पुलिस बल के साथ गांव गए, लेकिन वहां उसका कोई मकान या संपत्ति नहीं मिली।
ग्रामीणों ने बताया कि दस वर्षों से वह गांव नहीं आया। उसका न कोई घर है और नहीं कोई संपत्ति। उसके परिवार के लोगों ने उसका पता न होने की बात बताई, जिसके बाद एसआई लोगों का बयान दर्ज किए और वापस लौट गए। प्रभारी कोतवाल रामराज कुशवाहा ने बताया कि कानपुर से एसआई मदन गोपाल के संपत्ति की कुर्की करने आए थे, लेकिन कोई संपत्ति न मिलने पर बैरंग लौट गए।