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जेई को किया गया निलंबित, लेबर ठेकेदार गिरफ्तार

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रायबरेली में बुधवार को रामकृपाल चौराहा पर इस तरह सीवर मैन होल की साफ-सफाई करते सफाई कर्मी, लेकिन क? - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। शहर क्षेत्र में मंगलवार को सीवर मेन होल में सफाई के दौरान जहरीली गैस से दम घुटने के कारण सुपरवाइजर समेत दो लोगों की मौत के मामले में बुधवार को जेई सुरेंद्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही मामले में नामजद लेबर ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मामले में नामजद अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। तोमर कंस्ट्र्क्शन कंपनी की तरफ से मृतक के परिवारीजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने दफ्तर में परिवारीजनों को चेक सौंपे और घटना पर दुख जताते हुए मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा भी दिया। दोपहर बाद शवों को लेकर परिवारीजन घरों के लिए रवाना हो गए।
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अमृत योजना के तहत पहले चरण में सीवर लाइन की टेस्टिंग का कार्य कराया जा रहा है। मंगलवार की सुबह तोमर कंस्ट्र्क्शन कंपनी में तैनात सुपरवाइजर एवं मथुरा जिले के वृंदावन निवासी संजीव नागर (40) एवं राजस्थान प्रांत के डौलपुर जिले के राजाखेड़ा निवासी श्रमिक योगेश वाल्मीकि (35) मनिका रोड स्थित सीवर के मेनहोल में उतरकर सफाई कर रहे थे। इसी दौरान जहरीली गैस से दोनों बेहोश हो गए थे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद एक-एक करके दोनों श्रमिकों को बाहर निकाला गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। जलनिगम के एक्सईएन जीसी श्रीवास्तव की तहरीर पर जलनिगम के जेई सुरेंद्र यादव, घारपूरे इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक, तोमर कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक नरेश के अलावा प्रोजेक्ट मैनेजर अमित तोमर, लेबर ठेकेदार सिंह शेर सिंह के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, एससीएसटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
डीएम ने बताया कि सुपरवाइजर समेत दो लोगों की मौत के मामले में जेई सुरेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। परिवारीजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। मामले में केस दर्ज करा दिया गया है। घटना की पड़ताल कराई जा रही है। मामले में सख्त कार्रवाई कराई जाएगी। उधर, सीओ सदर वंदना सिंह ने बताया कि लेबर ठेकेदार शेर सिंह को गिरफ्तार कर कर लिया गया है। उसे जेल भेजा जा रहा है। जेई समेत अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। मामले में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
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लखनऊ तक पहुंचा मामला तो एफआईआर के साथ हुई कार्रवाई
सुपरवाइजर समेत दो लोगों की मौत का मामला लखनऊ तक पहुंचा तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि न सिर्फ मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करा दी गई, बल्कि जेई को निलंबित कर दिया गया। यही नहीं मंगलवार की देर शाम तक जलनिगम के उच्चाधिकारी भी जिले में पहुंचकर घटना की पड़ताल की। जांच रिपोर्ट लखनऊ जाकर उच्चाधिकारियों को सौंपी। जलनिगम के एक्सईएन जीसी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण की विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। तोमर कंस्ट्रक्शन कंपनी की तरफ से परिवारीजनों को आर्थिक मदद दी गई है।
एक्सईएन के पास तीन जिलों का चार्ज
मौजूदा समय में जलनिगम में स्थायी रूप से एक्सईएन की तैनाती नहीं है। लखनऊ में मूलरूप से तैनात एक्सईएन जीसी श्रीवास्तव को रायबरेली के साथ ही हरदोई जिले का चार्ज दिया गया है। कहा जा रहा है कि देखरेख न होने के चलते मनमाने ढंग से सीवर लाइन की टेस्टिंग का कार्य चल रहा था। कुछ दिन पहले यहां तैनात रहे एक्सईएन और नगर पालिका के अधिकारियों के बीच सीवर लाइन के कार्य को लेकर ठन गई थी। बाद में एक्सईन का तबादला गैर जनपद हो गया था। इसके बाद जीसी श्रीवास्तव को यहां की कमान मिली, लेकिन अमृत योजना के कार्यों में लापरवाही और कमीशनबाजी का खेल बंद नहीं हो सका। नतीजतन एक बड़ी घटना हो गई।
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