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इस बार राधा-कृष्ण की झांकियों का भव्य गवाह नहीं बनेगी जन्माष्टमी

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रायबरेली। कोरोना का साया न सिर्फ आम आदमी की जिंदगी पर पड़ा है, बल्कि इस बीमारी ने इस बार त्योहारों की भव्यता को भी कम कर दिया है। यह पहला मौका होगा, जब इस बार राधा-कृष्ण की भव्य झांकियों का गवाह जन्माष्टमी पर्व नहीं बनेगा।
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आयोजकों की ओर से कार्यक्रम तो किया जाना है, लेकिन इसका आकार छोटा कर दिया गया है। इस बार सामूहिक रूप के बजाय घरों पर ही लोग जन्माष्टमी मनाएंगे। वर्षों से पुलिस लाइंस स्थित मंदिर में जन्माष्टमी पर्व का भव्य कार्यक्रम होता था।
पर्व से पहले ही झांकियों के सजाने का कार्य शुरू हो जाता था। इस बार ऐसा नहीं है। पुलिस लाइंस के प्रतिसार निरीक्षक बृजेंद्र सिंह का कहना है कि इस बार जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। बस मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा।
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झांकियों के सजाने का कार्यक्रम इस बार कोरोना के चलते स्थगित कर दिया गया है। शहर के विकास नगर स्थित श्री शंकरेश्वर मंदिर में कई दशक से जन्माष्टमी भव्य तरीके से मनाई जाती थी। श्रीकृष्ण जागरण के साथ ही जवाबी कीर्तन का आयोजन होता था।



कोरोना को देखते हुए इस बार इन कार्यक्रमों को निरस्त कर दिया गया है। यहां पर पर्व के एक सप्ताह से पहले ही जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो जाती थी। मंदिर में ही झालर लगाकर जन्माष्टमी मनाने का कार्यक्रम रखा गया है।
इस दौरान पूजा-अर्चना करके प्रसाद वितरण का कार्यक्रम रखा गया है। शहर के छोटी बाजार स्थित राधा कृष्ण मंदिर में दशकों से जन्माष्टमी मनाई जाती है। कोरोना को देखते हुए यहां पर भी सतर्कता बरती जाएगी।
मंदिर के पुजारी मोनू गिरि गोस्वामी का कहना है कि जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार से झांकियों के सजाने का कार्य शुरू होगा, पर पिछले साल की तरह इस बार कोरोना को देखते हुए पर्व की भव्यता कम ही दिखेगी। जन्माष्टमी पर भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी रखा गया है।
जन्माष्टमी का पर्व इस बार 12 अगस्त को मनाया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। 55 घंटे के लॉकडाउन के बाद सोमवार को बाजार खुला तो लोगों ने खरीदारी की। किसी ने चांदी की कृष्ण की मूर्ति तो किसी ने राधा-कृष्ण बनने के लिए कपड़े खरीदे।
कपड़ों में बच्चों ने धोती-कुर्ता खरीदने में रुचि दिखाई। मोर के पंख के साथ ही लोगों ने पूजन सामग्री भी खरीदी। मंदिरों को सजाने के लिए झालरें भी खरीदी। शहर के सुपर मार्केट, सब्जी मंडी, कैपरगंज, रेलवे स्टेशन रोड, बस स्टेशन समेत अन्य स्थानों पर खरीदारी के लिए लोग पहुंचे।
इसमें कुछ ऐसे बच्चे रहे, जो अपनी मां के साथ पहुंचकर राधा-कृष्ण बनने के लिए अपने मनपसंद के कपड़े खरीदे। खरीदारी के दौरान भीड़भाड़ रही। लोगों को मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं आया। शहर के साथ ही खीरों, सलोन, बछरावां, हरचंदपुर आदि कस्बों में भी लोगों ने खरीदारी की।
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