23-रायबरेली में मंगलवार को ऊंचाहार में सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार म
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ऊंचाहार (रायबरेली)। सीएचसी अधीक्षक की कार्यशैली से नाराज कोविड टीकाकरण अभियान में लगे स्वास्थ्य कर्मियों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार कर दिया। एएनएम व संविदा कर्मियों ने अधीक्षक पर ड्यूटी समय से अधिक काम कराने, टीकाकरण कैंप में जाने के लिए वाहन न उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया। नाराज स्वास्थ्य कर्मियों ने अधीक्षक के खिलाफ नारेबाजी की। सीएचसी में अफरातफरी का माहौल रहा। डॉक्टरों ने सभी को समझाकर शांत कराया और वाहन की व्यवस्था की। स्वास्थ्य कर्मी शांत हुए और टीकाकरण कैंप पहुंचे। कार्य बहिष्कार से 20 गांवों में कई घंटे तक टीकाकरण प्रभावित रहा।
ऊंचाहार सीएचसी में मंगलवार की सुबह कोविड टीकाकरण अभियान में लगी एएनएम, संविदा एएनएम व फार्मासिस्ट व ट्रेनी स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। स्वास्थ्य कर्मियों ने कम टीकाकरण होने पर वेतन काटने, वाहन से कैंप तक भेजने व वापसी न कराने, सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक ड्यूटी कराने का आरोप लगाया। स्वास्थ्य कर्मियों ने वैक्सीन बाक्स रखकर नारेबाजी शुरू कर दी। इससे सीएचसी में काफी देर तक अफरातफरी रही। हंगामा होता देखकर सीएचसी में तैनात सर्जन डॉ. महमूद अख्तर मौके पर पहुंचे और स्वास्थ्य कर्मियों की बात सुनी। उन्होंने सबको समझाया। कैंप तक पहुंचाने के लिए वाहन की व्यवस्था की। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मी शांत हुए और टीकाकरण के लिए गए।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि किसी से कोई विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि इन स्वास्थ्य कर्मियों को क्षेत्र के 20 गांवों में लगाए जाने वालें कैंपों में टीकाकरण करना था। मंगलवार को 9 बजे से टीकाकरण होना था, लेकिन सभी देर से पहुंचे। 20 गांवों के कैंपों में 4600 लोगों को टीका लगना था, लेकिन केवल 1100 लोगों को टीका लग सका।
आंदोलन और बचाव साथ-साथ
स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया, लेकिन सभी लोग मीडिया के लोगों को नाम बताने से बचते रहे। यह कहते रहे कि किसी का नाम मत लिखो। यदि लिखना है तो सबके नाम लिखो। इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई का भी भय सताता रहा।