रायबरेली। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि कम लक्षण और लक्षण विहीन संक्रमित के होम आइसोलेशन की अवधि कम कर दी गई है।
कोरोना पॉजिटिव होने के सात दिन के बाद और लगातार तीन दिन तक बुखार न आने पर होम आइसोलेशन समाप्त हो जाएगा। होम आइसोलेशन की अवधि खत्म होने के बाद कोरोना टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होगी।
सीएमओ ने बताया कि होम आइसोलेशन में मरीज के घर में एक अलग हवादार कमरा व शौचालय होना चाहिए। मरीज की देखभाल करने के लिए एक व्यक्ति हो जिसे कोविड टीके की दोनों डोज लगी हों। मरीज तीन लेयर वाले मेडिकल मास्क का उपयोग हमेशा करे।
हर आठ घंटे बाद नए मास्क का उपयोग किया जाए। मरीज पल्स ऑक्सीमीटर के साथ ऑक्सीजन स्तर और शरीर के तापमान की जांच स्वयं करें।
पैरासिटामॉल से बुखार न उतरे तो डॉक्टर से परामर्श लें
आरबीएसए प्रभारी डॉ. मनीष सिंह राजपूत का कहना है कि कैंसर, एचआईवी और ट्रांसप्लांट के मरीजों को होम आइसोलेशन की इजाजत नहीं है।
यदि उनके डॉक्टर होम आइसोलेशन की अनुमति देते हैं तभी वह होम आइसोलेशन में रह पाएंगे। उच्च रक्तचाप, हृदय, गुर्दे, फेफड़े, लिवर की बीमारियों से ग्रसित मरीज डॉक्टर की सलाह पर ही होम आइसोलेशन में रह पाएंगे। कोरोना संक्रमित मरीज दिन में गरम पानी से गरारा या दिन में तीन बार भाप ले सकते हैं। मरीज को बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉइड का सेवन नहीं करना है। पैरासिटामॉल खाने से बुखार नहीं उतर रहा है तो चिकित्सक से सलाह ली जाए।