रायबरेली में सोमवार को गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में किलौली के पास इस तरह हादसे के जली कार।
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रायबरेली। यह एक बेटे की बेबसी और लाचारी थी कि उसके आंखों के सामने ही उसके माता-पिता की जिंदा जलकर मौत हो गई। नातिन को कार से बाहर निकाल लिया, लेकिन पिता को वह बाहर नहीं निकाल सका। पहले पिता और फिर मां ने दम तोड़ दिया। माता-पिता की मौत के बाद न सिर्फ बेटे, बल्कि अन्य परिवारीजनों की आंखें नम है। सभी के आंसू नहीं थम रहे हैं। परिवारीजन ही नहीं, बल्कि ग्रामीण भी इस घटना से गमजदा हैं और सवाल कर रहे हैं कि यह सब कैसे हो गया।
गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में रविवार की रात रायबरेली-बांदा हाईवे पर पुलिया से टकराकर एक कार आग का गोला बन गई। इससे कार पर सवार दंपती की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि बैंक कर्मी बेटा-नातिन गंभीर रूप से झुलस गए। बताते हैं कि पुलिया से टकराने के बाद जब कार में आग लगी तो अनुज ने गेट खोलने का प्रयास किया। गेट लॉक होने के चलते कार का गेट नहीं खुल सका। किसी तरह वह स्वयं के साथ अपनी मां, भांजी को बाहर निकाल लिया, लेकिन पिता बाहर नहीं निकल पाए। ऐसे में उसकी आंखों के सामने ही पिता की जिंदा जलकर मौत हो गई। मां को बाहर निकाला, लेकिन उसकी भी लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। माता-पिता को याद करते ही बेटा रो पड़ता है। इस घटना से आसपास के लोग सहम गए। परिवारीजनों में रोना पिटना मचा हुआ है। मृतक रिटायर्ड शिक्षक सोहनलाल अपने छोटे भाई की ससुराल में आयोजित शादी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उन्नाव गया था।
इलाज के लिए मां को शहर में रखता था बेटा
मां चंद्रावती का इलाज बेहतर ढंग से हो सके, इसलिए बेटे अनुज कुमार ने माता और पिता के साथ शहर में रहता था। मृतक रिटायर्ड शिक्षक सोहनलाल के साले श्रवण आजाद के मुताबिक उनके जीजा वर्ष 2011 में ग्वाड़ा मथुरकपुर प्राथमिक स्कूल से रिटायर्ड हुए थे। उनकी दीदी चंद्रावती की तबियत खराब रहती थी। इसलिए भांजे अनुज ने उन्हें अपने साथ यहीं शहर में रख लिया था। दीदी के साथ जीजा भी रहते थे। भांजा अनुज कुमार यूनियन बैंक भदोखर में मैनेजर के पद पर तैनात हैं, जबकि उसकी पत्नी दिव्या कानपुर में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में बाबू के पद पर तैनात हैं। पहले भांजे की पत्नी यहीं सुपर मार्केट स्थित भारतीय स्टेट बैंक में तैनात थीं, लेकिन अब उसकी तैनाती कानपुर में है। साले का कहना है कि उनका बड़ा भांजा यानि अनुज का बड़ा भाई अक्षय कुमार की गांव के पास ही कपड़े की दुकान करता है।
हादसा देख लोगों की कांप गई रूह
सोमवार की सुबह किलौली गांव के लोग हादसे की जानकारी पर घटनास्थल पर पहुंच गए। जली कार को देखकर सभी दंग रह गए। लोगों का कहना था कि उनके गांव के पास इस तरह कार आग का गोला पहली बार बनी। लोगों का कहना था कि वाकई में हादसे का मंजर बहुत ही भयानक था। जली कार को देखकर ही हम लोगों की रूह कांप गई।