रायबरेली। गेहूं की बोआई के साथ ही डीएपी की डिमांड बढ़ गई है, लेकिन विभाग किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। खाद की दुकानों पर एनपीके और डीएपी की किल्लत बनी हुई है। किसानों को तय रेट से अधिक मूल्य में बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है।
इस समस्या के बाद जिले को 1550 मीट्रिक टन डीएपी और एनपीके मिली है। इससे किसानों को कुछ राहत भले ही मिल गई है, लेकिन खाद की समस्या बनी हुई है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि 1250 मीट्रिक टन डीएपी और 300 मीट्रिक टन एनपीके मिली है।
प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही जिले को और खाद मिल जाएगी। किसानों को खाद के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। खाद की कालाबाजारी करने वालों की सूचना उपलब्ध कराएं। किसान तय रेट में ही खाद खरीदें।